India-China Flight :भारत-चीन के बीच 5 साल बाद डायरेक्ट फ्लाइट शुरू, आज रात कोलकाता से टेकऑफ

भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानें पांच साल बाद फिर से शुरू हो गई हैं। 26 अक्टूबर की रात 10 बजे कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इंडिगो की फ्लाइट 6E1703 ने ग्वांगझोउ के लिए उड़ान भरी। अब 9 नवंबर से दिल्ली-ग्वांगझोउ रूट पर भी उड़ानें शुरू की जाएंगी। यह कदम दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी की औपचारिक वापसी और रिश्तों में सुधार का संकेत माना जा रहा है।
गलवान झड़प के बाद फिर से शुरू हुआ भरोसे का सफर
जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में भारी तनाव आ गया था। इसके बाद दोनों देशों ने कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक बातचीत की, जिससे LAC के कई इलाकों से सेनाओं की वापसी हुई। अगस्त 2025 में तियानजिन में मोदी-शी मुलाकात के दौरान सीधी उड़ानें फिर शुरू करने पर सहमति बनी। अब यह फैसला कूटनीतिक रिश्तों की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
हाल के महीनों में रिश्ते सुधारने के कई कदम
पिछले कुछ महीनों में भारत और चीन ने संबंध सामान्य करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं-
- डेपसांग और डेमचोक विवाद पर समझौता
- कजान में मोदी-शी वार्ता में नए फैसले
- कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली
अब सीधी उड़ानें शुरू होना इसी सुधार प्रक्रिया की एक अहम कड़ी मानी जा रही है।
किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?
भारत-चीन फ्लाइट शुरू होने से कई वर्गों को राहत मिलेगी-
- छात्रों को - चीन में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों का समय और खर्च दोनों बचेंगे।
- व्यापारियों को - बिजनेस डेलीगेशन को सीधा रास्ता मिलेगा, जिससे इंपोर्ट-एक्सपोर्ट में तेजी आ सकती है।
- पर्यटकों को - कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वालों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
- मेडिकल और शोध यात्राओं में भी आसानी होगी।
आगे और शहरों से भी उड़ानें संभव
एविएशन सेक्टर के अनुसार, यदि यात्रियों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही तो आने वाले महीनों में मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई से भी चीन के प्रमुख शहरों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू की जा सकती हैं।











