भारत-पाकिस्तान ने जताई सीजफायर पर सहमति, जानिए क्या होता है सीजफायर और क्यों होता है यह अहम

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भारत-पाकिस्तान ने जताई सीजफायर पर सहमति, जानिए क्या होता है सीजफायर और क्यों होता है यह अहम
नई दिल्ली। लगातार छह दिनों तक चले सैन्य संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दवाब के बाद भारत और पाकिस्तान ने सीजफायर पर सहमति जता दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी और कई जानें जा चुकी थीं। इस सहमति के बाद अब दोनों देशों की सीमाओं पर शांति की उम्मीदें जगी हैं। लेकिन सवाल यह है कि सीजफायर या संघर्ष विराम होता क्या है? और यह युद्ध के बीच में शांति लाने में कैसे मदद करता है?

क्या होता है सीजफायर

सीजफायर या युद्धविराम एक ऐसा समझौता होता है जो दो या अधिक संघर्षरत पक्षों के बीच अस्थायी रूप से सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य संघर्ष को विराम देना और आगे बातचीत के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। यह एकतरफा भी घोषित किया जा सकता है या फिर दोनों पक्षों के बीच सहमति से भी लागू किया जा सकता है।

युद्धविराम और सीजफायर में अंतर

युद्धविराम शब्द का उपयोग अपेक्षाकृत कम होता है लेकिन इसका अर्थ थोड़ा अलग होता है। युद्धविराम का मतलब होता है पूरे युद्ध क्षेत्र में शत्रुता को समाप्त करना। वहीं, सीजफायर अक्सर सीमित क्षेत्र और अवधि के लिए होता है। हालांकि, अगर यह लंबे समय तक कायम रहता है तो यह स्थायी शांति की ओर भी बढ़ सकता है।

सीजफायर क्यों होता है जरूरी?

सीजफायर की घोषणा केवल सैन्य कार्रवाई रोकने तक सीमित नहीं रहती, यह दोनों पक्षों को संवाद की मेज पर लाने का अवसर भी प्रदान करती है। जब दो देशों के बीच हालात अत्यधिक तनावपूर्ण हो जाते हैं, तो सीजफायर से वार्ता का माहौल तैयार किया जाता है, जिससे दीर्घकालिक समाधान की संभावना बढ़ती है।

कभी मानवीय आधार पर भी होता है लागू

कई बार सीजफायर का उद्देश्य घायल या बीमार सैनिकों और नागरिकों को युद्ध क्षेत्र से निकालना होता है। इसके तहत राहत सामग्री की आपूर्ति, शवों का आदान-प्रदान, और मानवीय सहायता को प्राथमिकता दी जाती है। ऐसे सीजफायर सीमित अवधि के लिए होते हैं लेकिन इनका मानवता की दृष्टि से खास महत्व होता है।

तीसरे पक्ष की भूमिका भी होती है अहम

कई बार दो देश सीधे संवाद नहीं कर पाते हैं, ऐसे में कोई तीसरा देश या अंतरराष्ट्रीय संस्था जैसे संयुक्त राष्ट्र या मित्र राष्ट्र मध्यस्थता कर सीजफायर लागू करवाता है। हालांकि सीजफायर कोई स्थायी समाधान नहीं होता, लेकिन यह युद्ध और विनाश के दौर में शांति की पहली किरण जरूर होता है। अगर दोनों पक्ष संकल्प के साथ इसे बनाए रखें तो यह दीर्घकालिक शांति समझौते का आधार बन सकता है। भारत-पाकिस्तान के हालिया संघर्ष के बाद यह युद्धविराम इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। ये भी पढ़ें- मोटा कहने पर दो युवकों को मारी गोली, 20 किमी तक किया पीछा, गोरखपुर में हैरान करने वाला मामला
Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

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