
चंडीगढ़। हरियाणा की विधायक किरण चौधरी ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने चंडीगढ़ में विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता को अपना इस्तीफा सौंप दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उन्हें भाजपा द्वारा राज्यसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है। बता दें कि करीब दो महीने पहले वह कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं थीं।
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के लिए बुधवार को नामांकन का आखिरी दिन है। उससे पहले बीजेपी मंगलवार को अपने उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है। ऐसे में किरण चौधरी का दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है।
BJP ने विधायक दल की मीटिंग बुलाई
बीजेपी ने आज शाम 4 बजे चंडीगढ़ में विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें राज्यसभा उपचुनाव के साथ-साथ विधानसभा चुनाव पर चर्चा होगी। बैठक में मुख्यमंत्री नायब सैनी समेत पार्टी के सभी विधायक मौजूद रहेंगे।
बेटी के साथ बीजेपी में शामिल हुईं थीं किरण चौधरी
किरण चौधरी ने मंगलवार को फोन पर मीडिया से बातचीत में कहा- मैंने विधानसभा सदस्य (विधायक) के तौर पर इस्तीफा दे दिया है। हरियाणा की पूर्व मंत्री और तोशाम से विधायक किरण चौधरी जून में अपनी बेटी श्रुति और अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हो गई थीं। 9 राज्यों में राज्यसभा की 12 रिक्त सीटों के लिए चुनाव तीन सितंबर को होगा।
22 अगस्त को होगी नामांकन पत्रों की छंटनी
हरियाणा में कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा के रोहतक से लोकसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद राज्यसभा के लिए इकलौती सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पैदा हुई है। विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या को देखते हुए पार्टी की इस सीट से जीत तय मानी जा रही है। नामांकन पत्रों की छंटनी 22 अगस्त को होगी, जबकि उम्मीदवार 27 अगस्त तक नामांकन वापस ले सकते हैं। अगर आवश्यकता पड़ी तो हरियाणा विधानसभा सचिवालय में 3 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा।
हरियाणा में मौजूदा दलीय स्थिति
किरण चौधरी के इस्तीफे के बाद 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा सदस्यों की संख्या 41 हो गई, जबकि कांग्रेस के 28 और जननायक जनता पार्टी (जजपा) के 10 सदस्य हैं। विधानसभा में पांच निर्दलीय विधायक हैं और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और हरियाणा लोकहित पार्टी (एचएलपी) के एक-एक सदस्य हैं और चार सीटें रिक्त हैं। भाजपा के पास निर्दलीय विधायक नयन पाल रावत और एचएलपी विधायक गोपाल कांडा का भी समर्थन है।