भोपाल में पत्रकारों का सड़कों पर फूटा गुस्सा :CM हाउस का किया घेराव, पुलिस ने खदेड़ा

भोपाल। राजधानी में पत्रकारों पर कथित पुलिस बर्बरता के विरोध में बुधवार को पत्रकार सड़कों पर उतर आए। ज़ी न्यूज़ के एक्जीक्यूटिव एडिटर प्रमोद शर्मा और कैमरामैन रजत दुबे के साथ आस्था थाना पुलिस द्वारा की गई मारपीट के खिलाफ पॉलिटेक्निक चौराहा से मुख्यमंत्री निवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में जुटे पत्रकारों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया।
पत्रकार बोले- दोनों अपनी ड्यूटी निभा रहे थे
वहीं प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों का कहना था कि दोनों पत्रकार अपनी ड्यूटी निभा रहे थे, इसी दौरान उन पर लाठियों से हमला किया गया। पत्रकार संगठनों ने आरोप लगाया कि यह घटना बताती है कि मौजूदा हालात में सच दिखाना और सवाल पूछना अपराध बना दिया गया है। उनका कहना था कि यह हमला सिर्फ दो पत्रकारों पर नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
सीएम हाउस के सामने प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। पत्रकारों ने हाथों में तख्तियां लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठनों ने यह भी कहा कि अगर ड्यूटी के दौरान पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
क्या है प्रमुख मांगे
- घटना के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।पत्रकारों पर दर्ज किए गए कथित झूठे और मनगढ़ंत प्रकरण तुरंत वापस लिए जाएं।
- पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए।
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ड्यूटी के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
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सरकार प्रेस की स्वतंत्रता की स्पष्ट और ठोस गारंटी दे।
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भविष्य में पत्रकारों के साथ किसी भी तरह की पुलिस बर्बरता न हो, इसके लिए सख्त नीति बनाई जाए।
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पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने चुप्पी बनाए रखी, तो आंदोलन को राज्यव्यापी से राष्ट्रव्यापी किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।











