Naresh Bhagoria
13 Dec 2025
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Aakash Waghmare
13 Dec 2025
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13 Dec 2025
भोपाल। प्रदेश में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवजीन (एसआईआर) शुरू हो चुका है। बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर एन्युमेरेशन फॉर्म दे रहे हैं और वोटर वेरिफिकेशन कर रहे हैं। ऐसे में सत्ताधारी भाजपा ने प्रक्रिया का समर्थन किया है, लेकिन कांग्रेस के बाद अब लेफ्ट पार्टियों ने भी एक आपत्ति लगाई है। उनका कहना है कि आरएसएस की शाखा में जाने वाले कर्मचारियों की ड्यूटी एसआईआर में नहीं लगाई जाए। सात लेफ्ट पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से बीएलओ और एसआईआर की प्रक्रिया से उन शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों को हटाने की मांग की गई है, जो आरएसएस की शाखा में जाते हैं या आरएसएस से जुड़े हुए हैं।
लेफ्ट पार्टियों का कहना है कि क्योंकि इनकी विचारधारा और नजरिया अल्पसंख्यक समुदायों और वर्णव्यवस्था के निचले पायदान के तबकों के प्रति वैमनस्यतापूर्ण है। इनकी वज़ह से इन समुदायों में भय है कि उन्हें मताधिकार से वंचित किया जा सकता है। मांग पत्र देने वालों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, समाजवादी पार्टी, समानता दल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल के प्रतिनिध शामिल थे।
संयुक्त ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि किसी भी घर के पते में शून्य दर्ज न हो, यदि किसी घर मे 10 से ज्यादा मतदाता हैं, तो उनका वेरिफिकेशन राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों के समक्ष किया जाए। प्रतिनिधि मंडल ने मांग की है कि 2003 के बाद शादी होकर आई महिलाओं से उनके मायके के दस्तावेज मांगने की बजाय उसके पति और शादी प्रमाण पत्र को ही दस्तावेज मान लिया जाए। साथ ही बीएलओ के साथ कोई महिला कर्मचारी हो ताकि महिला मतदाताओं से पूछताछ करने में कोई परेशानी न हो।
प्रतिनिधि मंडल ने यह भी मांग की है कि जिन मतदाताओं के नाम काटे जाते हैं, उनकी सूची सार्वजनिक स्थानों पर कारण सहित लगाई जाए ताकि उन्हें भी अपना नाम दर्ज कराने का अवसर मिल सके। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि यदि कोई कर्मचारी भेदभाव करता है तो शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ़ कार्यवाही की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल ने याद दिलाया कि बिहार मे लिंगानुपात 1000 के पीछे 935 महिलाएं हैं जबकि मतदाता सूची में लिंगानुपात 895 महिलाएं हैं। ऐसा मध्यप्रदेश में नहीं होना चाहिए। प्रतिनिधि मंडल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह, सीपीआई के राज्य सचिव शैलेन्द्र कुमार शैली, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के राज्य सचिव अजय श्रीवास्तव के अलावा माकपा जिला सचिव तेज कुमार तिग्गा और दीपक पासवान शामिल थे।