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MP Politics :निगम-मंडलों में नियुक्ति के लिए भाजपा नेताओं को परफॉर्मेंस का टास्क

मप्र भाजपा में निगम-मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्तियों के लिए लंबा इंतजार दावेदारों के लिए परेशानी बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार पार्टी फिलहाल जिलों में संगठन के काम पर फोकस करना चाहती है। इस बीच जिलों में बनाए गए 50 फीसदी प्रभारियों को सत्ता-संगठन में बड़ी ताजपोशी का इंतजार है।
निगम-मंडलों में नियुक्ति के लिए भाजपा नेताओं को परफॉर्मेंस का टास्क
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    राजीव सोनी, भोपाल। मप्र के दिग्गज भाजपा नेताओं का सियासी नियुक्तियों और सत्ता-संगठन में भागीदारी का इंतजार लंबा होता जा रहा। हाल ही में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संगठन मजबूत करने विधायक, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसदों सहित 62 वरिष्ठ नेताओं को जिलों का प्रभारी बनाकर बड़ा होमवर्क सौंप दिया है। इनमें कई नेता निगम-मंडलों से लेकर मंत्रिमंडल के भी दावेदार बने हुए हैं। जिला प्रभारी के बतौर एक बार फिर इन पर परफॉर्मेंस की तलवार लटक गई है।

    जिलों में कमाल दिखाने का टास्क

    भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल की मौजूदगी में प्रदेश के 62 वरिष्ठ नेताओं को जिलों का प्रभारी बनाकर बड़ा टास्क सौंप दिया गया है। स्थिति यह है कि इनमें से 30-32 नेता ऐसे हैं जिनमें से ज्यादातर अपने लिए निगम-मंडल, आयोग, प्राधिकरण अथवा मंत्रिमंडल में एंट्री पाने की दावेदारी में हैं। संगठन ने उन्हें एक बार फिर जिलों में संगठन मजबूती के लिए कमाल दिखाने को कहा गया है। प्रभारियों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और संगठन में संवाद-समन्वय बढ़ाने की जवाबदारी सौंपी गई है।

    एक बार फिर अग्नि परीक्षा

    सूत्रों का कहना है कि दर्जा मंत्री पद के दावेदारों को संगठन ने एक बार फिर अग्निपरीक्षा के लिए कह दिया है। हालांकि खंडेलवाल और जामवाल ने इनमें से कुछ वरिष्ठ नेताओं को यह भी कहा है कि दर्जा मंत्री अथवा अन्य पदों के लिए उनके नाम का विचार होगा।

    अध्यक्ष के संकेतों से सरगर्मी

    सियासी सरगर्मी के बीच प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल की दिल्ली यात्रा हुई। मीडिया के सामने  वह स्वीकार कर चुके हैं निगम-मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों की तैयारी हो चुकी है। जल्दी ही नामों का ऐलान होगा। इस वजह से राजनीतिक हलचल फिर तेज हो गई है।

    इन्हें है अपनी बारी का इंतजार

    डॉ. प्रभुराम चौधरी, आलोक संजर, शरद जैन, शैलेंद्र जैन, अशोक रोहाणी, सुदर्शन गुप्ता, जसवंत सिंह हाड़ा, प्रदीप लारिया, लोकेंद्र पाराशर, राजो मालवीय, सदानंद गौतम, पुष्पेंद्र नाथ पाठक, अर्चना सिंह, जाहर सिंह, शशांक श्रीवास्तव, नंदिता पाठक, नरेंद्र त्रिपाठी, अभिलाष पांडे, राजेंद्र पांडे, रमेश भटेरे, मनीषा सिंह, अभिलाष मिश्रा, आदित्य बबला शुक्ला, दीपांकर बनर्जी, अलकेश आर्य, विकास वीरानी, ध्रुव नारायण सिंह, शैलेंद्र डागा, संगीता सोनी, जयदीप पटेल।

    क्या कहते हैं दावेदार 

    पार्टी ने जो टास्क दिया है उसे पूरी ताकत से पूरा करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष यह स्पष्ट कर चुके हैं कि बड़ी जवाबदारी के लिए जिले के प्रभारियों को भी मौका मिलेगा। उम्मीदें बरकरार हैं।

    पुष्पेंद्र नाथ पाठक, पूर्व विधायक

    प्रदेश अध्यक्ष ने यह बात भी कह दी है कि जिले में अच्छा काम करने वालों को पार्टी इसके साथ ही महत्वपूर्ण जवाबदारी भी सौंपेंगी।

    शरद जैन, पूर्व मंत्री

    संगठन का जो भी आदेश मिला है उसका पालन करना हमारा कर्तव्य है। पार्टी सभी के काम का मूल्यांकन करती है।

    आलोक संजर, पूर्व सांसद

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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