Aakash Waghmare
21 Jan 2026
सोशल मीडिया की तेज रफ्तार दुनिया में एक वीडियो ने हाल ही में सनसनी फैला दी। दावा किया गया कि हरियाणा के कैथल में एक 9 साल की बच्ची मां बन गई और उसे गर्भवती करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका सगा भाई है। वीडियो में एक महिला पुलिस अधिकारी की स्पीच और एक बच्ची को नवजात शिशु के साथ दिखाया गया, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया।
पहली नजर में यह मामला जितना चौंकाने वाला लगा, उतना ही भावनात्मक और डराने वाला भी। लेकिन सच हमेशा वायरल नहीं होता जांच के बाद जो सामने आया, वो बिल्कुल अलग कहानी कहता है।
वायरल हो रहे इस वीडियो में जिस महिला पुलिस अधिकारी की आवाज सुनाई दे रही है, वो कैथल सिटी थाना की प्रभारी गीता रानी हैं। वीडियो में वो कहती दिखाई देती हैं कि उनके सामने एक ऐसा मामला आया था, जिसमें 9 साल की बच्ची को उसके 11 साल के भाई ने प्रेग्नेंट कर दिया और बच्ची ने बच्चे को जन्म दिया। यही इस वीडियो की सबसे बड़ी रीढ़ बना।
जांच में साफ हुआ कि SHO गीता रानी की यह स्पीच हाल की नहीं है। यह बयान उन्होंने करीब एक साल से भी पहले महिला सुरक्षा से जुड़े एक सेमिनार में दिया था। उस समय उन्होंने देश में सामने आए एक सामान्य उदाहरण का जिक्र किया था, न कि कैथल के किसी केस का।
सोशल मीडिया पर किसी ने इस पुरानी स्पीच को उठाया, उसके साथ एक बच्ची और नवजात शिशु का अलग वीडियो जोड़ दिया और उसे कैथल का ताजा मामला बताकर वायरल कर दिया। यानी दावा पूरी तरह भ्रामक।
मामले के तूल पकड़ने के बाद कैथल पुलिस ने तुरंत स्थिति स्पष्ट की। DSP ललित कुमार ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि कैथल जिले में इस तरह का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी थानों से रिपोर्ट मंगवाई गई और पूरी जांच के बाद यह साफ हो गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबर पूरी तरह फर्जी है। पुलिस रिकॉर्ड में ऐसा कोई केस दर्ज नहीं है।
मामला उसी ट्रेंड का उदाहरण है, जहां पुरानी जानकारी और असंबंधित वीडियो को जोड़कर एक नई, झूठी कहानी गढ़ दी गई। ऐसे मामलों में न सिर्फ प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचता है, बल्कि समाज में डर और अविश्वास भी फैलता है।