Earthquake in Haryana। हरियाणा के झज्जर जिले में आज दोपहर 12.34 बजे फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.5 मापी गई। यह झज्जर में बीते एक हफ्ते में तीसरा भूकंप था।
इससे पहले गुरुवार को झज्जर में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जो काफी तेज महसूस हुआ था। वहीं 11 जुलाई को भी 3.7 तीव्रता का झटका आया था। रोहतक में भी बुधवार रात 12:46 बजे हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
दिल्ली-एनसीआर और झज्जर के लोगों का कहना है कि बार-बार आने वाले भूकंप से डर लगने लगा है। लोग भूकंप की संभावित तबाही को लेकर चिंता में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।
धरती के नीचे सात टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं, जो लगातार हिलती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती या रगड़ती हैं, तो जमीन कांपती है। यही भूकंप होता है।
भूकंप पृथ्वी की सतह के नीचे स्थित टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल से आते हैं। ये प्लेटें जब आपस में टकराती हैं (अभिसरण सीमा), एक-दूसरे से अलग होती हैं (अपसरण सीमा) या समानांतर खिसकती हैं (संसरण सीमा) तो इनकी आपसी रगड़ और तनाव से ऊर्जा निकलती है, जो भूकंपीय तरंगों के रूप में फैलती है और भूकंप आता है।