Garima Vishwakarma
4 Jan 2026
आज भी देश के कई हिस्सों में बेटे को परिवार की पूर्ति माना जाता है। जब तक घर में लड़के का जन्म न हो, तब तक कुछ लोग परिवार को अधूरा समझते हैं। दहेज, शादी का खर्च और सामाजिक दबाव जैसी पुरानी सोच की वजह से बेटियों को अब भी कई जगह बोझ माना जाता है। हरियाणा के फतेहाबाद जिले के भूना ब्लॉक स्थित ढाणी भोजराज गांव में एक परिवार इन दिनों खुश है। वजह शादी के पूरे 19 साल बाद बेटे का जन्म। यह खुशी इसलिए भी खास है क्योंकि इस दंपती की पहले से 10 बेटियां हैं। बेटे का जन्म 11वीं संतान के रूप में हुआ है।

परिवार के अनुसार, उन्हें बेटे की चाह थी, इसलिए बार-बार संतान होती रही। लगातार 10 बार बेटियों के जन्म के बाद आखिरकार 11वीं बार बेटे का जन्म हुआ। इस बात ने एक बार फिर समाज में बेटे-बेटी के भेद पर बहस छेड़ दी है।
परिवार के मुखिया ने बताया कि वे पहले लोक निर्माण विभाग में डेली वेज कर्मचारी थे, लेकिन साल 2018 में उन्हें हटा दिया गया। इसके बाद उन्होंने मनरेगा के तहत मजदूरी की। बीते एक साल से मनरेगा का काम भी बंद है, जिससे वह बेरोजगार हैं। बावजूद इसके, उन्होंने बेटियों की परवरिश के लिए मेहनत जारी रखी।
परिवार ने बताया कि उनकी एक बेटी को रिश्तेदारी में गोद दिया गया है, जबकि बाकी 9 बेटियों की जिम्मेदारी वे खुद निभा रहे हैं। सबसे बड़ी बेटी श्रीना 12वीं क्लास में पढ़ती है और दूसरी बेटी अमृता 11वीं में है।
स्थानीय मीडिया को दिए इंटरव्यू के दौरान जब पत्रकार ने पिता से सभी बच्चों के नाम पूछे, तो वह अपनी ही बेटियों के नाम ठीक से नहीं बता पाए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों को हैरान कर गया।
जिस अस्पताल में डिलीवरी हुई, वहां के डॉक्टरों ने बताया कि यह प्रेग्नेंसी मां और बच्चे दोनों के लिए हाई-रिस्क थी। बच्चे के शरीर में जन्म के समय सिर्फ 5 ग्राम खून था। फिलहाल मां और नवजात दोनों मेडिकल सपोर्ट पर हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई यूजर्स ने मां और बच्चों की सेहत को लेकर चिंता जताई, तो कुछ ने माता-पिता की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए।