PlayBreaking News

Goa Mining Scam:ED की बड़ी कार्रवाई, 1023 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

गोवा में अवैध आयरन ओर खनन और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने सलगांवकर ग्रुप और उससे संबंधित संस्थाओं की 1023.85 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर दी हैं।
Follow on Google News
ED की बड़ी कार्रवाई, 1023 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

गोवा। ED की जांच में अवैध खनन, विदेशी शेल कंपनियों के जरिए लेन-देन और विदेशों में निवेश के कई अहम पहलू सामने आए हैं। एजेंसी का दावा है कि अवैध खनन से हजारों करोड़ रुपये की कमाई कर उसे अलग-अलग देशों के माध्यम से घुमाया गया। मामले में भारत और विदेशों में स्थित संपत्तियों को कुर्क कर जांच का दायरा बढ़ाया गया है।

भारत और सिंगापुर में संपत्तियां कुर्क

ईडी ने 19 जून 2026 को जारी अस्थायी कुर्की आदेश के तहत भारत और सिंगापुर में मौजूद बड़ी संख्या में संपत्तियों को अटैच किया है। कार्रवाई के तहत भारत में 99 अचल संपत्तियां और सिंगापुर में 31 अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय कंपनियों के शेयरों को भी कुर्की की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। एजेंसी का कहना है कि ये संपत्तियां कथित तौर पर अवैध खनन से अर्जित धन से खरीदी गई थीं।

ये भी पढ़ें: Viral Video: 17 साल से बंदरों की भूख मिटा रहे स्वप्निल, सोशल मीडिया पर ‘मंकी मैन’ की सेवा ने जीता लोगों का दिल

खनन लीज के संचालन में मिली अनियमितताएं

जांच के दौरान सामने आया कि सलगांवकर ग्रुप ने वर्ष 2007 से 2012 के बीच गोवा की 10 खनन लीज का संचालन किया था। इसी अवधि में बड़ी मात्रा में लौह अयस्क का उत्खनन कर उसकी बिक्री और निर्यात किया गया। ED के अनुसार इस गतिविधि से लगभग 2492.95 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गई। एजेंसी का आरोप है कि यह खनन उस समय लागू नियमों और कानूनी नियमों को ताक पर रखकर किया गया था।

Breaking News

अवैध रुप से आयरन निकालकर बेचा 

जांच एजेंसी के मुताबिक निकाले गए लौह अयस्क को पहले बेहद कम कीमत पर ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में स्थापित शेल कंपनियों को बेचा गया। बाद में उन्हीं कंपनियों के माध्यम से खनिज को चीन के बाजार में ऊंची कीमतों पर निर्यात किया गया। इस प्रक्रिया से लगभग 2744.89 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ अर्जित किया गया। ED का मानना है कि यह पूरी व्यवस्था वास्तविक लाभ छिपाने और धन के स्रोत को अस्पष्ट करने के उद्देश्य से बनाई गई थी।

ये भी पढ़ें: 'हिजाब नहीं उतारूंगी...'! NEET सेंटर पर मचा बवाल! हिजाब की वजह से रोकी गई छात्रा, बाद में मिली एंट्री

विदेशों में निवेश कर प्रॉपर्टी खरीदी 

एजेंसी की जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध खनन और विदेशी व्यापार से कुल मिलाकर लगभग 5237.84 करोड़ रुपये की कमाई हुई। इस धन को विभिन्न विदेशी कंपनियों और वित्तीय संरचनाओं के माध्यम से कई स्तरों पर ट्रांसफर किया गया। इसके बाद विदेशों में निवेश कर संपत्तियां खरीदी गईं और कुछ राशि को शेयर पूंजी के रूप में भारत वापस लाया गया। ईडी अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और आने वाले समय में मामले से जुड़े अन्य वित्तीय पहलुओं का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।

ईडी वित्तीय लेन-देन की कर रही पड़ताल 

सुप्रीम कोर्ट पहले ही अपने महत्वपूर्ण फैसलों में स्पष्ट कर चुका है कि 22 नवंबर 2007 के बाद गोवा में नए खनन पट्टों के वैध आवंटन तक संचालित खनन गतिविधियां कानूनी दायरे में नहीं थीं। ऐसे में ED की ताजा कार्रवाई को अवैध खनन और उससे जुड़े आर्थिक अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जांच एजेंसी अब इस मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों, कंपनियों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts