Naresh Bhagoria
28 Jan 2026
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चूरू। राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक वायुसेना हादसा हुआ। इंडियन एयरफोर्स का जगुआर ट्रेनर विमान ट्रेनिंग मिशन पर था, तभी वह भानुदा गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौके पर ही मौत हो गई। भारतीय वायुसेना ने हादसे की पुष्टि करते हुए गहरा शोक जताया है और इसकी जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश जारी कर दिए हैं।
यह हादसा बुधवार 9 जुलाई को दोपहर करीब 1:25 बजे हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था, लेकिन अचानक तकनीकी खराबी के चलते वह नियंत्रण खो बैठा और खेतों में जा गिरा। हादसा इतना भयानक था कि विमान के परखच्चे उड़ गए और बड़ा इलाका मलबे से भर गया। ग्रामीणों के अनुसार, एक तेज धमाके की आवाज के साथ ही धुएं और आग की लपटें उठती देखी गईं।
भारतीय वायुसेना ने X (पूर्व ट्विटर) पर बयान जारी करते हुए लिखा, “हम इस दुखद घटना से बेहद व्यथित हैं। इस कठिन समय में हम शोकसंतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं। बहादुर पायलटों की वीरगति को हम सलाम करते हैं।” वायुसेना ने यह भी बताया कि हादसे की वजह तकनीकी खराबी, मानवीय भूल या अन्य किसी कारणवश हुई, यह सब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
गांववालों ने बताया कि हादसे के बाद खेतों में आग लग गई थी, जिसे उन्होंने अपने स्तर पर बुझाने की कोशिश की। घटनास्थल से दोनों पायलटों के क्षत-विक्षत शव बरामद किए गए हैं। सेना और प्रशासन ने शवों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हादसे की जानकारी मिलते ही चूरू के जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। भारतीय वायुसेना की जांच और राहत टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है। पूरे इलाके को घेरकर सील कर दिया गया है, ताकि जांच में कोई बाधा न आए। सेना ने कहा है कि हादसे की विस्तृत जांच कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के जरिए की जाएगी।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी घटना पर गहरा शोक जताते हुए ट्वीट किया, “चूरू जिले के रतनगढ़ क्षेत्र में भारतीय वायुसेना के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। मैं दिवंगत आत्माओं की शांति और उनके परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं।”
यह घटना भारतीय वायुसेना के लिए झकझोर देने वाली है, क्योंकि बीते पांच महीनों में यह तीसरा मौका है जब जगुआर ट्रेनर विमान क्रैश हुआ है। इससे पहले 7 मार्च को अंबाला और 2 अप्रैल को गुजरात के जामनगर में भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। अंबाला हादसे में पायलट सुरक्षित बच गया था, लेकिन जामनगर में एक पायलट की जान चली गई थी।