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दिल्ली में एक्सपोर्टर्स की बैठक : CM शिवराज बोले- मध्य प्रदेश के शरबती गेहूं को कहा जाता है गोल्डन ग्रेन, नहीं लगेगा मंडी टैक्स

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दिल्ली में एक्सपोर्टर्स की बैठक : CM शिवराज बोले- मध्य प्रदेश के शरबती गेहूं को कहा जाता है गोल्डन ग्रेन, नहीं लगेगा मंडी टैक्स
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को दिल्ली में एक्सपोर्टर्स के साथ उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी उपस्थित थीं। कई निर्यातक वर्चुअल माध्यम से भी जुड़े थे। मध्य प्रदेश गेहूं के उत्पादन का अब केंद्र है। पिछले 2 वर्षों से हम लगभग 1.29 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के गेहूं की गुणवत्ता बहुत अच्छी है। मध्य प्रदेश के शरबती गेहूं को गोल्डन ग्रेन कहा जाता है। ये भी पढ़ें: CM शिवराज के चौथे कार्यकाल के दो साल पूरे, रामेश्वर शर्मा ने बुलडोजरों से किया CM का स्वागत; देखें Video

मप्र के गेहूं एक्सपोर्ट पर मंडी टैक्स नहीं लेंगे : सीएम

बैठक के बाद सीएम शिवराज ने कहा कि निर्यातकों से बातचीत कर उनकी सहूलियत के लिए हमने कई अहम फैसले किए हैं। हमने तय किया है कि मध्य प्रदेश का जो गेहूं एक्सपोर्ट किया जाएगा उस पर मंडी टैक्स नहीं लेंगे। उसकी प्रतिपूर्ति एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों, व्यापारियों को की जाएगी। निर्यातकों को आश्वस्त किया है कि प्रदेश के कृषि एक्सपोर्ट सेल के जरिए निर्यातकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।

एक लाइसेंस पर कंपनी या व्यापारी गेहूं खरीद सकता है

सीएम शिवराज ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश में एक लाइसेंस पर कोई भी कंपनी या व्यापारी गेहूं खरीद सकता है। मध्य प्रदेश फॉर्म गेट एप के माध्यम से क्रय करने की भी सुविधा उपलब्ध है। सीएम ने कहा कि मंडी में नीलामी की प्रक्रिया और ऑनलाइन अनुज्ञा की सुविधा उपलब्ध है। इसके माध्यम से निर्यातक स्वयं पंजीयन करा सकता है और आराम से मंडी से भी खरीदकर लाइसेंस प्राप्त कर एक्सपोर्ट कर सकता है। ये भी पढ़ें: रायसेन में गरजे बुलडोजर मामा : बोले- कमजोर पर हाथ उठाया तो मकान खोदकर मैदान बना दूंगा, कांग्रेस की नहीं मामा की सरकार है

निर्यात के लिए बनाएंगे अस्थाई व्यवस्था: सीएम

सीएम ने कहा कि प्रदेश की प्रमुख मंडियों में एक्सपोर्ट हाउस को एक्सपोर्ट आधारित अधोसंरचना के लिए यदि जमीन की आवश्यक पड़ेगी तो अस्थाई रूप से भूमि रियायती दर पर भी उपलब्ध कराएंगे। सीएम ने कहा कि मप्र में किसानों से गेहूं खरीदने पर गेहूं की ग्रेडिंग और सार्टिंग करनी पड़ी तो आने वाले खर्चे की प्रतिपूर्ति भी हम करेंगे। निर्धारित किस्म और गुणवत्ता की उपज के भंडारण,प्रमाणीकरण हेतु प्रोफेसनल्स और प्रतिष्ठित एजेंसियों के साथ अनुबंध कर निर्यात के लिए अस्थाई व्यवस्था बनाएंगे।

एमपी व्हीट के नाम पर हर जगह हमारे गेहूं की साख

एमपी व्हीट के नाम पर हर जगह हमारे गेहूं की साख है। मध्यप्रदेश में मंडी में विक्रय होने वाले गेहूं की वैरायटी और ग्रेड का भी उल्लेख किया जाता है। कई कंपनियां अपना आटा एमपी व्हीट के नाम पर बनाकर बेचती हैं। हमारे यहां गेहूं के भंडार भरे पड़े हैं। अगली फसल भी बहुत अच्छी आ रही है। रेलवे बोर्ड द्वारा आश्वस्त किया गया है कि रेक की उपलब्धता में कोई दिक्कत नहीं आएगी। मध्यप्रदेश का गेहूं अब हमारी ताकत होगा। अब इस गेहूं को हम दुनियाभर में एक्सपोर्ट करेंगे। इन फैसलों के कारण विश्वास है कि मध्यप्रदेश से गेहूं का निर्यात तेजी से होगा जिसका फायदा प्रदेश के किसानों को होगा। [caption id="attachment_23590" align="aligncenter" width="800"] सीएम शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली स्थित मध्यांचल भवन परिसर में 'अशोक' का पौधा लगाया।[/caption] सीएम ने मध्यांचल भवन परिसर रोपा पौधा सीएम शिवराज आज दिल्ली दौरे पर हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित मध्यांचल भवन परिसर में 'अशोक' का पौधा लगाया। इस दौरान सीएम ने कहा कि पौधरोपण से धरती को समृद्ध करने और अपने मानवीय कर्तव्य को पूर्ण करने का जो अप्रतिम संतोष प्राप्त होता है, वह अद्वितीय है। आप भी वृक्षों की सेवा व पौधरोपण का संकल्प लें। आइए, मिलकर धरा को समृद्ध करें। मध्य प्रदेश की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें…
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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