पूर्व हासन सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बलात्कार, यौन शोषण, धमकी और डिजिटल अपराधों के मामले में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 1 अगस्त को उन्हें दोषी ठहराया था और अब सजा का ऐलान करते हुए दो मामलों में उम्रकैद और बाकी मामलों में कुल 11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। सजा तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है।
कोर्ट में पेश किए गए सबसे अहम सबूतों में से एक पीड़िता की साड़ी थी। आरोप था कि पूर्व सांसद ने एक घरेलू सहायिका के साथ दो बार बलात्कार किया था। पीड़िता ने इसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया था और साड़ी को संभालकर रखा था। जांच में साड़ी पर स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई, जिससे मामला और भी मजबूत हो गया।
प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और आईटी एक्ट की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। यह शिकायत मैसूरु के केआर नगर की एक महिला ने दर्ज करवाई थी। जांच की जिम्मेदारी सीआईडी की साइबर क्राइम टीम को दी गई थी।
इस केस की जांच सीआईडी इंस्पेक्टर शोभा और उनकी टीम ने की। 2,000 पन्नों की चार्जशीट में 123 सबूत शामिल थे। ट्रायल 31 दिसंबर 2024 से शुरू हुआ और सिर्फ सात महीनों में पूरा हो गया। कोर्ट ने कुल 23 गवाहों की गवाही ली और वीडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल की जांच रिपोर्ट जैसे तकनीकी सबूतों की भी समीक्षा की। विशेष न्यायाधीश संतोष गजानन भट्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।