एलन मस्क ने बनाई ‘अमेरिका पार्टी’ : टू-पार्टी सिस्टम को बताया लोकतंत्र का धोखा, डोनाल्ड ट्रंप को देंगे सीधी टक्कर

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एलन मस्क ने बनाई ‘अमेरिका पार्टी’ : टू-पार्टी सिस्टम को बताया लोकतंत्र का धोखा, डोनाल्ड ट्रंप को देंगे सीधी टक्कर

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। टेस्ला और स्पेसX के मालिक और अरबपति उद्यमी एलन मस्क ने ‘अमेरिका पार्टी’ के नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान कर दिया है। उन्होंने यह घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की। मस्क ने इस नई पार्टी को अमेरिका की जनता को दो पार्टी वाले सिस्टम से आजादी दिलाने का जरिया बताया। इस घोषणा के बाद अमेरिकी राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

अमेरिका पार्टी का गठन क्यों?

एलन मस्क ने अमेरिका पार्टी के गठन के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि, आज अमेरिका में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, दोनों ही पार्टियां देश को बर्बादी और भ्रष्टाचार की ओर ले जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब दोनों पार्टियां एक जैसे ही काम करती हैं, तब यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि एक छिपा हुआ ‘वन-पार्टी सिस्टम’ बन जाता है।

मस्क ने एक्स पर लिखा कि, आज अमेरिका पार्टी का गठन किया जा रहा है ताकि आपको आपकी स्वतंत्रता वापस मिल सके। उनका मानना है कि इस समय देश को एक तीसरे, स्वतंत्र और पारदर्शी विकल्प की जरूरत है।

65% लोगों ने की नई पार्टी की मांग

मस्क ने 4 जुलाई को एक्स पर एक पोल किया था जिसमें उन्होंने सवाल पूछा – “क्या अमेरिका को दो-पार्टी सिस्टम से आजादी चाहिए? क्या हमें अमेरिका पार्टी बनानी चाहिए?” इस पोल में 65.4% लोगों ने ‘हां’ में वोट दिया, जबकि सिर्फ 34.6% लोगों ने ‘नहीं’ कहा। मस्क ने इस जनसमर्थन को पार्टी गठन की प्रेरणा बताया और इसे जनता के बढ़ते असंतोष का संकेत कहा।

टू-पार्टी सिस्टम पर मस्क का हमला

एलन मस्क ने अमेरिका के दो प्रमुख राजनीतिक दलों – डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों पार्टियां जनता के हितों को नजरअंदाज करती हैं और सिर्फ सत्ता की राजनीति करती हैं। उनका कहना है कि अमेरिका में टू-पार्टी सिस्टम के चलते तीसरे विकल्प की कोई जगह नहीं बन पाई, क्योंकि चुनावी ढांचा और संसाधन सिर्फ बड़ी पार्टियों के पक्ष में काम करते हैं।

ट्रंप से टकराव और ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ बना पार्टी गठन की वजह

हाल ही में एलन मस्क और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच संबंध काफी बिगड़ गए। इसका कारण बना ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’, जिसमें टैक्स और सरकारी खर्च को लेकर बड़े फैसले किए गए थे। मस्क ने इस बिल का खुलकर विरोध किया और कहा कि यह अमेरिका को दिवालिया बना देगा।

मस्क ने आरोप लगाया कि इस बिल से सरकारी घाटा बढ़ेगा, नौकरियां खत्म होंगी और रणनीतिक नुकसान होगा। जब ट्रंप ने यह बिल साइन कर कानून बना दिया, तो मस्क ने एक्स पर लिखा था- “मुझे खेद है, लेकिन मैं अब और चुप नहीं रह सकता। यह बिल एक अपराध है और जिन लोगों ने इसके लिए वोट किया, उन्हें शर्मिंदा होना चाहिए।”

ट्रंप और मस्क के बीच तकरार

एक समय था जब मस्क ट्रंप के सबसे बड़े समर्थकों में गिने जाते थे। उन्होंने 2024 के चुनाव में ट्रंप के समर्थन में करीब 2500 करोड़ रुपए खर्च किए और चुनाव प्रचार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ट्रंप ने भी मस्क को ‘शानदार दोस्त’ और ‘देश का भविष्य’ बताया था।

लेकिन DOGE विभाग (Department of Government Efficiency) को लेकर शुरू हुए मतभेद धीरे-धीरे सार्वजनिक रूप से तकरार में बदल गए। अंततः 27 मई को मस्क ने DOGE से इस्तीफा दे दिया और ट्रंप से दूरी बना ली।

क्या अमेरिका पार्टी बन पाएगी तीसरा विकल्प?

इतिहास गवाह है कि अमेरिका में कई बार तीसरी पार्टियों ने कोशिश की, लेकिन फंडिंग, संगठन, मीडिया और चुनावी सिस्टम की चुनौतियों के चलते वे असफल रहीं। मस्क का यह कदम भी जोखिम भरा है, लेकिन उनकी लोकप्रियता और संसाधनों की ताकत को देखकर कुछ जानकार इसे “राजनीति में गेम-चेंजर” भी मान रहे हैं।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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