Manisha Dhanwani
31 Dec 2025
Shivani Gupta
30 Dec 2025
Garima Vishwakarma
30 Dec 2025
Manisha Dhanwani
30 Dec 2025
भोपाल/मथुरा। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा अपने 10वें और अंतिम दिन रविवार को चरम पर नजर आई। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं यात्रा में शामिल हुए और हजारों-लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच सड़क पर बैठकर धीरेंद्र शास्त्री के साथ सब्जी-पूड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। यात्रा में कई किमी तक फैली भीड़ ने इसे एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक यात्रा बना दिया। इतना ही नहीं इस दौरान लोगों ने बुलडोजर से फूल भी बरसाए।
अंतिम दिन पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और BJP सांसद बी.डी. शर्मा भी पैदल चलते दिखे। भोजन विराम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जमीन पर आसन जमाकर बैठे और धीरेंद्र शास्त्री स्वयं उन्हें खाना परोसते नजर आए। यात्रा में आगे बढ़ते हुए दोनों नेताओं का साधारण भाव से भोजन करना लोगों में चर्चा का विषय रहा।

यात्रा के मार्ग पर अभूतपूर्व भीड़ उमड़ी। करीब 5 किमी तक केवल जनसैलाब दिखाई दे रहा था। भीड़ ने कई स्थानों पर बुलडोजर की सहायता से यात्रियों पर पुष्पवर्षा की, जो कार्यक्रम की खास आकर्षण बना।
यात्रा में उमड़े जनसागर को देखकर शास्त्री जी की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा- कोई बिहार से, कोई महाराष्ट्र से घर छोड़कर आया है। एक बालक की मां वेंटिलेटर पर है, फिर भी वह आया। यह सोचकर मन भावुक हो गया। कभी नहीं सोचा था कि हनुमान जी इतनी बड़ी यात्रा करवा देंगे। यह देश बाबर का नहीं, रघुवर का है।
यात्रा समाप्ति से पहले मथुरा में 15 एकड़ विशाल मैदान में सनातन सभा का आयोजन किया गया। यहां देशभर के संतों का जमावड़ा लगा, जिसमें जगद्गुरु रामभद्राचार्य, देवकीनंदन महाराज, ब्रज क्षेत्र के प्रमुख साधु-संत ने आशीर्वचन दिए। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली सरकार के कई कैबिनेट मंत्री भी शामिल हो सकते हैं।
शनिवार रात कार्यक्रम में मशहूर गायक बी प्राक, जुबिन नौटियाल और स्वाति मिश्रा भी पहुंचे। जुबिन नौटियाल धीरेंद्र शास्त्री का हाथ पकड़कर चलते देखे गए। तीनों गायकों ने भजन गाकर माहौल आध्यात्मिक कर दिया।
अंतिम दिन की यात्रा दो हिस्सों में बंटी- सुबह 8.5 किमी पैदल चलकर चारधाम मंदिर पहुंचे, जहां भोजन प्रसाद हुआ। शाम को 8.5 किमी पदयात्रा कर सभी श्रद्धालु वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर पहुंचेंगे। इसी स्थान पर यात्रा के पूर्ण समापन की आधिकारिक घोषणा होगी।