
नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति मामले में दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से CBI द्वारा पूछताछ की जा रही है। मनीष सिसोदिया रोड शो करते हुए CBI दफ्तर पहुंचे, उनके साथ हजारों समर्थक भी थे। सभी हेडक्वार्टर के पास धरने पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। जिसके बाद पुलिस ने धारा-144 लगाते हुए दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय सहित कई समर्थकों को हिरासत में ले लिया।
मनीष सिसोदिया बोले- जेल में खाना छोड़ दूंगा…
मनीष सिसोदिया ने सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से अपील करते हुए कहा कि, वो स्कूल में अच्छे से मन लगाकर पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि, अगर मुझे पता चला कि मेरे बच्चों ने पढ़ाई में लापरवाही की है तो मुझे खराब लगेगा और मैं जेल में खाना छोड़ दूंगा।
भगत सिंह नहीं अपराधियों से होगी सिसोदिया की तुलना: कपिल मिश्रा
बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने भी मनीष सिसोदिया पर निशाना साधा है। कपिल ने कहा, “मनीष सिसोदिया की तुलना भगत सिंह से नहीं पेशेवर अपराधियों से होगी। मनीष ने चोरी, रिश्वतखोरी, कमीशनबाजी, भ्रष्टाचार, शराब की दलाली की है। शराब के ठेके खोलकर दिल्ली के हजारों-लाखों परिवारों को बर्बाद किया है। इन परिवारों की माता-बहनों की बद्दुआएं मनीष सिसोदिया को जेल भिजवाएंगी।”
शिक्षा के बेहतरीन मॉडल देने वाले शिक्षा मंत्री को गिरफ्तार?: आप
सिसोदिया से चल रही पूछताछ को लेकर आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि, देश को सरकारी शिक्षा का बेहतरीन Model दिया—उन्हें गिरफ्तार? Adani ने देश के हजारों करोड़ रुपए का गबन किया- उसको पुरस्कार?
‼️ Modi-Adani भाई भाई ‼️
‼️देश लूटकर खाई मलाई‼️CBI Office के बाहर, MP @SanjayAzadSln.@msisodia ने देश को सरकारी शिक्षा का बेहतरीन Model दिया—उन्हें गिरफ्तार?
Adani ने देश के हजारों करोड़ रुपए का गबन किया—उसको पुरस्कार?#ModiFearsKejriwal pic.twitter.com/AntV59zCK4
— AAP (@AamAadmiParty) February 26, 2023
जेल में भी रहना पड़े तो परवाह नहीं: मनीष सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, “आज फिर CBI दफ्तर जा रहा हूं, जांच में पूरा सहयोग करूंगा। लाखों बच्चो का प्यार और करोड़ों देशवासियो का आशीर्वाद साथ है। कुछ महीने जेल में भी रहना पड़े तो परवाह नहीं। भगत सिंह के अनुयायी हैं, देश के लिए भगत सिंह फांसी पर चढ़ गए थे। ऐसे झूठे आरोपों की वजह से जेल जाना तो छोटी सी चीज़ है।”
शराब लाइसेंस के लिए ली रिश्वत
CBI की चार्जशीट में गिरफ्तार व्यवसायी विजय नायर और अभिषेक बोइनपल्ली समेत 7 आरोपियों के नाम हैं। आरोप है कि शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने की दिल्ली सरकार की पॉलिसी से कुछ डीलरों को फायदा मिला। यह फायदा उन्हें ही मिला जिन्होंने इसके लिए रिश्वत दी थी। उधर, शराब लाइसेंस के लिए रिश्वत देने वाले आरोपों का आम आदमी पार्टी (AAP) ने खंडन किया है। उसका कहना है कि शराब लाइसेंस के लिए किसी से पैसा नहीं लिया गया।
कई अनियमितताएं मिलीं : CBI
इस मामले में सीबीआई के प्रवक्ता का कहना है कि जांच के दौरान आबकारी नीति में संशोधन, लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ देना, लाइसेंस शुल्क में छूट/कमी, अनुमोदन के बिना एल-1 लाइसेंस का विस्तार जैसी कई अनियमितताएं की गई हैं। यह भी आरोप है कि इन तरह की रिश्वत से मिले अवैध लाभ को निजी पक्षों ने अपने बहीखातों में गलत तरीके से दर्ज किया और शराब नीति से जुड़े अफसरों को फायदा पहुंचाया।
एलजी की सिफारिश पर हुआ था केस दर्ज
दरअसल, एलजी विनय कुमार सक्सेना की सिफारिश पर दिल्ली में शराब नीति में कथित घोटाले को लेकर सीबीआई ने केस दर्ज किया था। जिसके बाद में ईडी ने भी जांच शुरू की थी। इस मामले में जांच एजेंसियों ने आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को मुख्य आरोपी बनाया था। इसके बाद से सीबीआई और ईडी लगातार छापेमारी कर सबूत इकट्ठा करने का प्रयास कर रही है।