भोपाल। डॉ. मोहन यादव कैबिनेट की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित की गई। इसमें सिंचाई परियोजनाओं, ग्रामीण सड़क उन्नयन के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही ई-कैबिनेट के लिए भी विचार किया गया। कैबिनेट के लिए गए निर्णयों के बारे में एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने जानकारी दी।
मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि कैबिनेट में बुरहानपुर जिले की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना 222 करोड़ की मंजूर की गई। 17700 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी। इसी तरह बुरहानपुर में ही नेपानगर विस क्षेत्र की एक सिंचाई 1676 करोड़ की 34100 हेक्टेयर भूमि में इससे सिंचाई होगी। ये दोनों परियोजनाएं आदिवासी अंचल की हैं। अभी बुरहानपुर सिंचाई के मामले में मप्र में 41वें नंबर पर है। इससे बुरहानपुर जिले में सिंचाई की वृद्धि होगी।
कैबिनेट में दो परियोजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी को सौंपने का फैसला भी किया गया। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के तहत जो नर्मदा का पानी 2028 तक लिफ्ट करना है, उसके लिए परियोजनाएं प्रारंभ कर दी गई हैं। उनमें से नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना की लागत 2,489 करोड़ रुपए है। इसी तरह बदनावर माइक्रो लिफ्ट इरिगेशन परियोजना 1520.52 करोड़ रुपए की है। इन दोनों योजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड को हस्तांतरित किया गया है। अभी तक राज्य शासन ने खर्च किया है, वह उस कंपनी की अंश पूंजी में कन्वर्ट किया जाएगा। इसका लाभ यह होगा कि इसका पूरा मेंटेनेंस अब कंपनी को ही करना होगा।
आदिवासी न्याय महाअभियान पीएम जनमन योजना बैगा, भारिया और सहरिया 22 जिलों में लागू की गई थी, इसे निरंतरता का प्रस्ताव दिया गया है। इसके तहत 1039 किमी सड़क बनाई जाएंगी। इस पर 795 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ ही ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण वर्तमान योजनाओं को 2031 तक निरंतरता दी गई है। जिसमें 17,196 करोड़ खर्च आएगा। की 20 हजार किमी सड़कें और 1200 पुलों का निर्माण किया जाएगा। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना फेज 1 और फेज 2 में 88,517 किमी मार्गों का नवीनीकरण उन्नयन के लिए इन्हें 2031 तक निरंतरता दी है। जिसका अनुमानित व्यय10,000 करोड़ रुपए रहेगा।
कैबिनेट बैठक में प्रदेश के मंत्रियों को टेबलेट दिए गए हैं। दो कैबिनेट बैठकों के बाद ई-कैबिनेट होगी। मंत्री काश्यप ने कहा कि देश के कुछ प्रांतों में भी प्रारंभ हुआ है, मप्र इनमें अग्रणी प्रदेश होगा। हम अगला वर्ष कृषि और कृषि उद्योगों के विकास के लिए मना रहे हैं। इनसे संबंधित कामों पर फोकस किया जाएगा।