
आसनी चक्रवात को लेकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान आसनी आज अंडमान-निकोबार के तट से टकराएगा। तबाही की आशंका को देखते हुए कम से कम नुकसान के लिए प्रशासन ने तैयारियां भी सुनिश्चित कर ली हैं।
तूफानी हवाएं और भारी बारिश शुरू
इंडियन कोस्ट गार्ड ने बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार द्वीप पर सभी नाविकों और मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। उन्हें समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है। साथ ही पोर्ट ब्लेयर और आसपास के द्वीपों के बीच चलने वाले सभी जहाजों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है। अंडमान निकोबार द्वीप पर तूफानी हवाएं और भारी बारिश जारी है।
#CycloneAsani
"हर काम देश के नाम”@IndiaCoastGuard ships shepherding the fishermen out at #Andaman #Sea and issuing weather warnings. @ndmaindia @PMOIndia @narendramodi @AmitShah @HMOIndia @DefenceMinIndia @drajaykumar_ias @SpokespersonMoD @NDRFHQ @AN_Command @Andaman_Admin pic.twitter.com/LkBMERykLS— Indian Coast Guard (@IndiaCoastGuard) March 20, 2022
साथ ही अगर कोई यात्री इस तूफान में फंसते हैं तो उनकी मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 03192-245555/232714 और टोल-फ्री नंबर 1-800-345-2714 जारी किया गया है।
साल का पहला चक्रवात
मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही 2022 के पहले साइक्लोन को लेकर चेतावनी जारी की थी। विभाग ने कहा था कि साल का पहला चक्रवात असानी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा है। बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र एक चक्रवर्ती तूफान का रूप ले सकता है।
आज चक्रवाती तूफान में बदलेगा आसनी
विभाग ने बताया, ‘अंडमान-निकोबार के बाद इसकी उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। 20 मार्च को इसकी इंटेंसिटी कम होगी, जबकि 21 मार्च को यह चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके बाद यह उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा और 22 मार्च को बांग्लादेश-उत्तरी म्यांमार के तटों पर पहुंचेगा।
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मार्च में 132 साल में एक भी ट्रॉपिकल साइक्लोन इस क्षेत्र में नहीं आया
IMD के एक अधिकारी के मुताबिक, जलवायु की दृष्टि से मार्च चक्रवात का मौसम नहीं है। साल 1891-2022 के बीच मार्च के महीने में अब तक सिर्फ 8 साइक्लोन (अरब सागर में दो और बंगाल की खाड़ी में 6) बने हैं। उन्होंने कहा कि आसनी चक्रवात मार्च महीने में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से टकराने वाला पहला ट्रॉपिकल साइक्लोन चक्रवात बन सकता है। मार्च में पिछले 132 साल में एक भी ट्रॉपिकल साइक्लोन इस क्षेत्र में नहीं आया है।
हाई अलर्ट पर आपदा प्रबंधन विभाग
केंद्र सरकार ने कहा है कि चक्रवात असनी के कारण उत्पन्न किसी भी अकस्मात स्थिति से निपटने के लिए NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की कई टीमों को पोर्ट ब्लेयर में तैनात किया गया है। भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना और इंडियन कोस्ट गार्ड भी स्टैंडबाय पर हैं। इसके अलावा, मछली पकड़ने, पर्यटन और शिपिंग गतिविधियों को रोक दिया गया है।