भोपाल। राजधानी में आयोजित महा चौपाल के मंच से मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार के G RAM G VB बिल को लेकर तीखा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अपनी स्पीच में इस विधेयक को जनविरोधी बताते हुए कहा कि यह आम जनता के हितों के अनुरूप नहीं है। हालांकि, अपने भाषण के दौरान उन्होंने ‘राम’ शब्द का पूरा उच्चारण नहीं किया, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे और इसे आगामी चुनावी रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
भाषण का वीडियो सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व जानबूझकर ‘राम’ नाम से परहेज करता है। उन्होंने इसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि भगवान श्रीराम देश की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्र की आत्मा हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह का रवैया सनातन परंपरा के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाता है।
यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस और भाजपा के बीच धार्मिक प्रतीकों को लेकर टकराव हुआ हो। हाल ही में भाजपा ने राहुल गांधी पर भी अपनी ही पार्टी के प्रतीक का अपमान करने का आरोप लगाया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मध्यप्रदेश जैसे संवेदनशील राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे तेजी से चुनावी विमर्श का हिस्सा बन जाते हैं। ऐसे में G RAM G बिल को लेकर उठे इस विवाद ने आने वाले समय में सियासी बहस को और तेज करने के संकेत दे दिए हैं।