नेशनल डेस्क। महाराष्ट्र की राजनीति में बारामती उपचुनाव का समीकरण अब लगभग एकतरफा होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस ने इस सीट पर अपना उम्मीदवार वापस लेने का फैसला कर लिया है, जिससे सुनेत्रा पवार के निर्विरोध विधायक बनने की संभावना मजबूत हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने स्पष्ट किया है कि राज्य इकाई को उम्मीदवार का नामांकन वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने पहले आकाश मोरे को टिकट दिया था, लेकिन अब गुरुवार को नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस फैसले से सुनेत्रा पवार की जीत का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
महाराष्ट्र में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) की गठबंधन सरकार है, जिसमें बारामती सीट एनसीपी के खाते में आई थी। इसी सीट से अजित पवार विधायक चुने गए थे और बाद में उन्होंने डिप्टी सीएम पद संभाला था। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी। सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ पहले ही ले ली है और अब वह इसी सीट से विधायक बनकर अपनी राजनीतिक स्थिति को औपचारिक रूप देना चाहती हैं। कांग्रेस के नाम वापस लेने के फैसले से उनके निर्विरोध चुने जाने की संभावना काफी बढ़ गई है।
महाराष्ट्र की बारामती और राहुरी विधानसभा सीट पर उपचुनाव घोषित किए गए हैं। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि 4 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे। नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और गुरुवार नाम वापस लेने का अंतिम दिन है। माना जा रहा है कि दिन खत्म होने से पहले कांग्रेस उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले लेंगे। राहुरी सीट पर बीजेपी नेता शिवाजी कर्डीले के निधन के कारण उपचुनाव कराए जा रहे हैं, जिससे राज्य की राजनीति में इन दोनों सीटों पर खास नजर बनी हुई है।
बारामती सीट को लेकर एनसीपी नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से लगातार संपर्क बनाए रखा था। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से कई दौर की बातचीत हुई, जिसमें इस सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारने का आग्रह किया गया। खुद सुनेत्रा पवार ने दो बार सपकाल से बात की थी, जबकि रोहित पवार ने भी उनसे मुलाकात कर स्थिति स्पष्ट की थी। इन प्रयासों के बाद कांग्रेस की ओर से पुष्टि की गई कि पार्टी अपने उम्मीदवार का नाम वापस लेगी, जिससे बारामती में मुकाबला लगभग समाप्त होता दिख रहा है।