Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

शहर अध्यक्ष अल्टीमेटम: कांग्रेस के हर कार्यक्रम में वंदे मातरम अनिवार्य,परहेज करे तो पार्टी की बैठकों से दूर रहे

 कांग्रेस के हर कार्यक्रम में वंदे मातरम अनिवार्य,परहेज करे तो पार्टी की बैठकों से दूर रहे
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। वंदे मातरम विवाद के बीच शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे का सख्त और आक्रामक रुख सामने आया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि अब कांग्रेस के हर कार्यक्रम में वंदे मातरम अनिवार्य होगा और जो इसे गाने से परहेज करता है, उसे पार्टी की बैठकों से दूर रहना होगा।

    हर मीटिंग की शुरुआत वंदे मातरम से

    चौकसे ने जारी बयान में तीखा संदेश देते हुए कहा कि कांग्रेस की हर मीटिंग की शुरुआत वंदे मातरम से होगी और समापन जन गण मन के साथ किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जिसे वंदे मातरम गाने में दिक्कत है, वह कांग्रेस के कार्यक्रम में आने की जरूरत ही न समझे।

    राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को स्थापित करने में कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका

    उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को स्थापित करने में कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका रही है। आजादी से पहले कांग्रेस के हर सम्मेलन में वंदे मातरम गूंजता था और अब उसी परंपरा को फिर से सख्ती के साथ लागू किया जाएगा। ऐसे में यदि कोई कांग्रेसी ही इससे पीछे हटता है तो यह पार्टी की विचारधारा के खिलाफ खुली बगावत है।

    धार्मिक या व्यक्तिगत मान्यता से ऊपर देश का सम्मान

    चौकसे ने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है और किसी भी धार्मिक या व्यक्तिगत मान्यता से ऊपर देश का सम्मान आता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी धर्म देशभक्ति के गीत गाने से नहीं रोकता, और जो ऐसा तर्क देते हैं, वे न केवल भ्रम फैला रहे हैं बल्कि राष्ट्रीय भावना को भी ठेस पहुंचा रहे हैं।

    कांग्रेस का आक्रामक रुख 

    उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है जब कांग्रेस को अपने अंदर अनुशासन और राष्ट्रभक्ति को लेकर सख्ती दिखानी होगी। पार्टी के भीतर ऐसे बयानों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के सम्मान पर सवाल खड़े करें। कुल मिलाकर, वंदे मातरम विवाद के बाद कांग्रेस ने भी अब आक्रामक रुख अपना लिया है और साफ संकेत दे दिए हैं कि पार्टी लाइन से हटने वालों के लिए संगठन में कोई जगह नहीं होगी।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

    Latest Posts