इंदौर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था और आए दिन लगने वाले जाम से परेशान होकर शहर कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को यातायात मुख्यालय का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शहर में 10 नए यातायात थाने खोलने और 2000 से अधिक अतिरिक्त पुलिस बल की नियुक्ति की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने किया।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि इंदौर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से असंतुलित हो चुकी है। सीमित पुलिस बल से ट्रैफिक को नियंत्रित करना अब नामुमकिन सा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो ट्रैफिक पुलिस बल उपलब्ध है, वह भी अधिकतर समय वीआईपी मूवमेंट और ड्यूटी में ही व्यस्त रहता है, जिससे आम जनता की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि पिछले कुछ दिनों में ट्रैफिक जाम के कारण 5 लोगों की मौत हो चुकी है। शहर में कई बार ऐसा हुआ है जब एंबुलेंस फंसी रही और मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाए। परीक्षाओं में जा रहे विद्यार्थी, नौकरी पेशा लोग और आमजन सभी को जाम की वजह से भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
कांग्रेस ने यह भी बताया कि इंदौर शहर में 2000 से अधिक चौराहे और तिराहे हैं जहां पर ट्रैफिक दबाव लगातार बना रहता है। बॉम्बे-आगरा नेशनल हाईवे, राजबाड़ा, रेलवे स्टेशन, विजय नगर, लसूड़िया, तेजाजी नगर, रिंग रोड, मालवा मिल, पाटनीपुरा, बाणगंगा, मरीमाता, सुपर कॉरिडोर जैसे स्थानों पर हर दिन भीषण ट्रैफिक जाम लगते हैं।
ज्ञापन में फुटपाथों पर अवैध कब्जे और असंगठित शहरी विकास को भी ट्रैफिक अव्यवस्था का कारण बताया गया है। कांग्रेस का कहना है कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अनुसार सही ढंग से शहरी विकास नहीं किया गया, जिससे शहर की सड़कों पर असंतुलन और अव्यवस्था बढ़ गई है। पैदल यात्रियों को चलने के लिए जगह नहीं मिल रही, जो दुर्घटनाओं और अव्यवस्थाओं को बढ़ावा दे रहा है।
शहर कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं। न सिर्फ पुलिस बल की संख्या बढ़ाई जाए, बल्कि ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए तकनीकी और स्थायी समाधान लागू किए जाएं।