72 घंटे की रेकी, फिर शूटआउट…प्रोफेशनल शूटर हायर कर की गई थी सुवेंदु के PA की हत्या, मर्डर केस में चौंकाने वाले खुलासे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में एक बार फिर सियासी हिंसा ने सनसनी फैला दी है। कोलकाता के पास मध्यमग्राम में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों को भी गरमा देती है। शुरुआती जांच में संकेत मिल रहे हैं कि, यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था और इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं।
जांच में क्या सामने आया?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हमलावरों ने घटना से पहले 3 से 4 दिन तक इलाके की रेकी की थी। उन्होंने ऐसी जगह चुनी जहां गाड़ी को आसानी से रोका जा सके। हमले में इस्तेमाल की गई कार और बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। कार के चेसिस और इंजन नंबर तक मिटा दिए गए थे, ताकि पहचान न हो सके। एक बाइक दमदम से चोरी की गई थी, जो बाद में बारासात इलाके में बरामद हुई। घटनास्थल से पुलिस को खाली कारतूस और जिंदा गोलियां भी मिली हैं। पुलिस ने अब तक 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।
मॉडर्न हथियार और प्रोफेशनल स्टाइल
इस हमले में Glock 47X जैसे आधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल का इस्तेमाल किया गया। इस तरह के हथियार आम अपराधियों के पास नहीं होते और इन्हें इस्तेमाल करने के लिए ट्रेनिंग की जरूरत होती है। जिस तरह से हमलावरों ने पॉइंट-ब्लैंक रेंज से सटीक निशाना साधा और कुछ ही मिनटों में फरार हो गए, उससे साफ है कि यह काम प्रोफेशनल शूटर्स का हो सकता है।
फोन कॉल के दौरान चली गोलियां
बीजेपी विधायक शंकर घोष ने दावा किया कि जब हमला हुआ, उस समय वे चंद्रनाथ रथ से फोन पर बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान अचानक गोलियों की आवाज आई और फिर कराहने की आवाज सुनाई दी। कॉल कटने के बाद जब उन्होंने दोबारा फोन किया, तो एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन उठाकर बताया कि रथ को गोली मार दी गई है। यह दावा इस घटना को और भी चौंकाने वाला बनाता है।
CCTV फुटेज से मिले अहम सुराग
CCTV फुटेज में घटना से पहले और बाद की गतिविधियां साफ नजर आई हैं। फुटेज में देखा गया कि एक सिल्वर हैचबैक कार पहले इलाके में दाखिल होती है। कुछ मिनट बाद रथ की गाड़ी उसी रास्ते से गुजरती है और फिर कार उनका रास्ता रोक लेती है। इसके बाद हेलमेट पहने बाइक सवार तेजी से वहां पहुंचते हैं और घटना को अंजाम देकर अलग-अलग दिशाओं में फरार हो जाते हैं।
कहां और कैसे हुआ हमला
यह घटना 7 मई 2026 की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में हुई। चंद्रनाथ रथ अपनी स्कॉर्पियो SUV से कोलकाता से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी दोहरिया जंक्शन के पास पहुंची, एक कार ने सामने आकर उनका रास्ता रोक लिया। इससे पहले कि रथ और उनका ड्राइवर कुछ समझ पाते, दो मोटरसाइकिलों पर सवार हमलावर वहां पहुंचे और बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
हमलावरों ने 6 से 10 राउंड फायर किए। गोलीबारी इतनी सटीक थी कि रथ को सीने में दो और पेट में एक गोली लगी। उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेरा भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे बैठे एक अन्य व्यक्ति ने झुककर अपनी जान बचाई।
90 मिनट में पूरा प्लान: टाइमलाइन से समझें वारदात
पूरी घटना महज डेढ़ घंटे के भीतर अंजाम दी गई, जो हमलावरों की सटीक प्लानिंग को दर्शाती है।
रात 9:00 बजे: चंद्रनाथ रथ कोलकाता से अपने घर के लिए निकले
9:58 बजे: CCTV में उनकी गाड़ी मध्यमग्राम में देखी गई
10:00 बजे: विधायक शंकर घोष से फोन पर बातचीत जारी
10:20-10:30 बजे: हमलावरों ने गाड़ी को रोका
10:30 बजे: नजदीक से ताबड़तोड़ फायरिंग
10:40 बजे: स्थानीय लोग अस्पताल ले गए
करीब 11 बजे: अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
यह पूरी टाइमलाइन दिखाती है कि हमलावर पहले से पीछा कर रहे थे और सही मौके का इंतजार कर रहे थे।
SIT गठित, कई एजेंसियां जांच में जुटीं
पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया गया है। इसमें CID, STF और इंटेलिजेंस ब्रांच के अधिकारी शामिल हैं। सीनियर अधिकारियों के मुताबिक, जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
सियासी माहौल गरम, हिंसा का डर बढ़ा
इस हत्याकांड ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। विधानसभा चुनाव के बाद जो माहौल शांत होता दिख रहा था, अब फिर से सियासी हिंसा की आशंका बढ़ गई है। सुवेंदु अधिकारी ने इस हत्या को पूरी तरह सुनियोजित बताया और इसे राजनीतिक साजिश से जोड़ा। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने मामले की CBI जांच की मांग की है।
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ एक पूर्व एयरफोर्स अधिकारी थे, जिन्होंने VRS लेने के बाद राजनीति में कदम रखा। वे लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी के साथ जुड़े थे और उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे। उन्होंने 2019 में सुवेंदु की टीम में औपचारिक रूप से शामिल होकर चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभाई। भवानीपुर चुनाव में उनकी भूमिका को खास माना जाता है। चंद्रनाथ शांत स्वभाव के और लो-प्रोफाइल रहने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने शादी नहीं की थी और उनके परिवार में उनकी मां ही हैं।
सुवेंदु के करीबी लोगों की संदिग्ध मौतें
यह पहली बार नहीं है जब सुवेंदु अधिकारी के करीबी की संदिग्ध मौत हुई हो।
2013: निजी सहायक प्रदीप झा की मौत
2018: पीएसओ शुभव्रत चक्रवर्ती मृत पाए गए
2021: एक और सहयोगी पुलक लाहिड़ी की असामान्य मौत
अब 2026 में चंद्रनाथ रथ की हत्या ने इन घटनाओं को लेकर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या खुलासा
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि चंद्रनाथ रथ को तीन गोलियां लगी थीं दो सीने में और एक पेट में। अत्यधिक खून बहने और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के फेल होने के कारण उनकी मौत हुई। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया था।











