पूर्व SEBI चीफ माधवी बुच को हाईकोर्ट से राहत, FIR दर्ज करने के आदेश पर लगी रोक, लगे शेयर घोटाले और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
Publish Date: 4 Mar 2025, 1:35 PM (IST)Reading Time: 3 Minute Read
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार, 4 मार्च को SEBI की पूर्व चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और 6 अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के स्पेशल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। बुच ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर जस्टिस एसजी डिगे ने सुनवाई की। हाईकोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। लेकिन स्पेशल कोर्ट ने बिना पूरी जानकारी और आवेदकों की भूमिका स्पष्ट किए आदेश पारित कर दिया, जिस वजह से इसे रोका गया।
इससे पहले, 1 मार्च को मुंबई के स्पेशल एंटी-करप्शन कोर्ट ने शेयर फ्रॉड से जुड़े एक मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। यह आदेश ठाणे के पत्रकार सपन श्रीवास्तव की याचिका पर दिया गया था। उन्होंने कंपनी लिस्टिंग में बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
कौन-कौन हैं आरोपों के घेरे में?
कोर्ट ने SEBI और BSE के कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ FIR का आदेश दिया है। इसमें माधवी पुरी बुच (पूर्व SEBI चेयरपर्सन), अश्वनी भाटिया (SEBI के होल टाइम मेंबर), अनंत नारायण (SEBI के होल टाइम मेंबर), कमलेश चंद्र वार्ष्णेय (SEBI के होल टाइम मेंबर), प्रमोद अग्रवाल (BSE के चेयरमैन) और सुंदररमन राममूर्ति (BSE के CEO) शामिल है।
कर्तव्यों का सही ढंग से पालन न करने का आरोप
SEBI चीफ समेत अन्य लोगों पर आरोप हैं कि अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन नहीं किया। साथ ही बाजार में हेरफेर की अनुमति दी, जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ। इसके साथ सभी पर नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों को लिस्टिंग की मंजूरी देने का भी आरोप लगाया गया है।
कोर्ट ने मुंबई ACB (एंटी-करप्शन ब्यूरो) को IPC, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और SEBI अधिनियम के तहत जांच करने का आदेश दिया है। साथ ही 30 दिनों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है। यदि आरोप सही पाए गए, तो अधिकारी कानूनी कार्रवाई का सामना कर सकते हैं।
माधवी बुच कौन हैं?
माधवी बुच एक अनुभवी वित्तीय विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने 1989 में ICICI बैंक से अपना करियर शुरू किया था। वे ICICI सिक्योरिटीज की CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर भी रह चुकी हैं। फरवरी 2022 में, उन्हें SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) की पहली महिला चेयरपर्सन बनने का गौरव प्राप्त हुआ। उन्होंने इस पद पर रहते हुए कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए। 28 फरवरी 2024 को वे SEBI प्रमुख के पद से रिटायर हो गईं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने तुहिन कांत पांडे को नया SEBI चेयरमैन नियुक्त किया।
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