बंगले की जिद पर अड़े 13 विधायक, नहीं छोड़ रहे सरकारी मकान

पुष्पेंद्र सिंह
भोपाल. राजधानी भोपाल में विधायकों के लिए 102 नए आवास तैयार कराए जा रहे हैं। इसके लिए एमएलए रेस्ट हाउस परिसर में पुराना पारिवारिक खंड और खंड क्रमांक एक में रहने वाले करीब चालीस विधायकों से आवास खाली करा लिए गए हैं। वहीं 13 विधायकों ने आवास नहीं छोड़े।
विधानसभा प्रशासन ने तय किया है कि नया आवासीय परिसर तैयार होने तक संबंधित विधायक किराए का आवास ले सकते हैं इसके लिए उन्हें 40 हजार रुपए मासिक मिलेंगे। विधायक निजी आवास में भी रहते हैं तो भी किराया राशि मिलेगी। वरिष्ठ विधायकों को रिक्त आवास दिए जाएंगे। विधायकों का कहना है कि विधानसभा के आसपास मकान का किराया 40 हजार रुपए से अधिक है। अगर वे किसी कवर्ड कॉलोनी में किराए का आवास लेते हैं तो उनके कार्यकर्ताओं को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इतनी पार्किंग भी नहीं होती कि मिलने वालों के वाहन पार्क हो सकें।
इन्होंने नहीं छोड़े आवास
सरकारी आवास नहीं मिलने पर 13 विधायकों ने आवास खाली नहीं किए। इनमें गिरीश गौतम, दिव्यराज सिंह, मुकेश टंडन, हेमंत कटारे, श्याम बर्डे, केदार डाबर, मुकेश मलहोत्रा, शैलेन्द्र जैन, सुनील उइके आदि शामिल हैं।
यह समस्या भी बताई
भाजपा विधायक हरिशंकर खटीक का कहना है कि बड़ी संख्या में उनके समर्थकों का आना-जाना बना रहता है। क्षेत्र के लोग आवास में ठहरते भी हैं। उनके लिए अलग कमरे मिलना मुश्किल होगा। स्वयं का कार्यालय और स्टाफ चेंबर भी होता है। खटीक का कहना है कि आवास खाली कराने के बाद उनके रहने को लेकर अबतक कोई समाधान नहीं मिला है।
किराए का आवास लेने की सुविधा रहेगी
इस बारे में विधानसभा के पीएस एपी सिंह कहते हैं कि जिन विधायकों के आवास खाली कराए गए हैं, उनके लिए किराए का आवास लेने की सुविधा रहेगी। 40 हजार रु. तक मासिक किराया देने संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजा है। कुछ विधायकों को खाली सरकारी आवास भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।












