Bihar Elections 2025 :भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर RJD पर लगाया भ्रामक सूचना फैलाने का आरोप, कार्रवाई की मांग

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दूसरे चरण का मतदान जारी है। इस बीच भाजपा ने चुनाव आयोग में एक शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा ने राजद पर फेसबुक के माध्यम से भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र भेजकर RJD पर लगाया भ्रामक सूचना फैलाने का आरोप, कार्रवाई की मांग
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान भाजपा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) अपनी आधिकारिक फेसबुक पेज के माध्यम से भ्रामक और भ्रमित करने वाली जानकारी फैलाकर मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास कर रहा है। भाजपा ने सोशल मीडिया पोस्ट की स्क्रीनशॉट संलग्न कर तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

    पोस्ट में क्या दावा किया गया

    भाजपा ने जिस पोस्ट की शिकायत की है, उसमें कथित तौर पर यह दावा किया गया था कि भाजपा और लोजपा (आर) के लोग जदयू के लिए वोट नहीं दिलवा रहे हैं और जदयू वाले भाजपा व लोजपा (आर) को वोट नहीं दिलवाने दे रहे हैं। भाजपा ने कहा है कि यह तरह-तरह की तसल्ली और भ्रम फैला कर मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है और स्थानीय स्तर पर असामंजस्य की परिस्थितियां पैदा कर रहा है।

    भाजपा ने चुनाव आयोग से क्या मांगा

    पत्र में भाजपा ने चुनाव आयोग से तीन बड़ी कार्रवाई की मांग की है।

    • मेटा/फेसबुक को निर्देश दिया जाए कि वह तत्काल उक्त पोस्ट और उससे संबंधित किसी भी भ्रामक सामग्री को हटाए।
    • RJD को सोशल मीडिया पर ऐसा झूठा प्रचार फैलाने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। 
    • बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस मामले की तथ्यात्मक जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाएं।

    भाजपा का तर्क है कि ऐसे पोस्ट मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता और शांति भंग कर सकते हैं, इसलिए त्वरित हस्तक्षेप आवश्यक है।

    भाजपा ने पत्र के माध्यम से दी चेतावनी 

    भाजपा ने पत्र के माध्यम से चेतावनी दी है कि चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहें एवं भ्रामक सूचनाएं मतदाताओं में भ्रम और असमानन्य स्थिति पैदा कर सकती हैं। ऐसे मामलों में चुनाव आयोग और प्राधिकृत अधिकारी आमतौर पर शिकायत की जांच करते हैं, आवश्यक होने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कंटेंट हटवाते हैं और संबंधित पार्टी या पेज को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगते हैं।
     

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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