
भोपाल। राजधानी के वन विहार नेशनल पार्क की इकलौती सफेद बाघिन रिद्धि का गुरुवार को निधन हो गया। 15 साल की इस बाघिन की तबीयत पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं थी। वह दो दिनों से खाना भी नहीं खा रही थी। वन्यप्राणी चिकित्सकों ने गुरुवार सुबह रिद्धि को मृत घोषित कर दिया। रिद्धि को 28 दिसंबर 2013 को इंदौर जू से भोपाल लाया गया था और तब से वह पर्यटकों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई थी।
रात में हुई थी बाघिन की मौत
वन विहार प्रबंधन के अनुसार, रिद्धि की मौत 18-19 सितंबर की रात में हुई। गुरुवार सुबह वह अपने हाउस में मृत अवस्था में मिली। वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता और उनकी टीम ने जांच के बाद बाघिन को मृत घोषित किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, वृद्धावस्था के कारण रिद्धि के अंदरूनी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जो उसकी मौत का कारण बना।
वन्य प्राणी अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
मृत सफेद बाघिन का पोस्टमार्टम डॉ. अतुल गुप्ता और उनकी टीम ने किया। पोस्टमार्टम के बाद, नियमानुसार रिद्धि का दाह संस्कार वन विहार के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में किया गया।
सफेद बाघ होते हैं कम स्वस्थ
वन विहार के डिप्टी डायरेक्टर एसके सिन्हा ने बताया कि वन विहार में अब 15 बाघ बचे हैं। सफेद बाघ अन्य बाघों की तुलना में कम स्वस्थ होते हैं और आमतौर पर जंगल में बाघ की उम्र 12-13 साल होती है। चिड़ियाघर में उनकी उम्र 15-16 साल तक होती है, ऐसे में रिद्धि ने अच्छी उम्र जी ली।
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