Gold Silver Price Today:सोना ₹9345 महंगा होकर ₹1.61 लाख के करीब,चांदी में ₹22,853 की तेजी; इंपोर्ट ड्यूटी 15% होते ही कीमतों में उछाल

केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। सरकार के इस फैसले के बाद बुधवार 13 मई को सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला। नई ड्यूटी लागू होने के बाद 10 ग्राम सोना करीब ₹9,345 महंगा हो गया जबकि 1 किलो चांदी के दाम में ₹22,853 की तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.61 लाख और चांदी ₹2.87 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई।
सोने का भाव (IBJA के अनुसार)
| सोना | भाव (10 ग्राम) |
| 24 कैरेट | ₹160977 |
| 22 कैरेट | ₹147455 |
| 18 कैरेट | ₹120733 |
| 14 कैरेट | ₹94172 |
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विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सरकार का बड़ा कदम
सरकार का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य विदेशी खरीद को कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच डॉलर पर दबाव बढ़ा है ऐसे में सरकार आयात कम करने की कोशिश कर रही है। भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा आयातक देशों में शामिल है। सोने की खरीद के लिए बड़ी मात्रा में डॉलर खर्च होते हैं जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ता है।
अब सोने पर कितना टैक्स लगेगा
सरकार ने सोने के आयात पर अब कुल 15% प्रभावी टैक्स लागू किया है। इसमें 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी, 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) शामिल है। गौरतलब है कि साल 2024 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 15% से घटाकर 6% कर दी थी। अब सरकार ने फिर से इसे बढ़ाकर 15% कर दिया है।
पीएम मोदी ने की थी सोना न खरीदने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार दो दिन देशवासियों से सोने की खरीद कम करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि एक समय संकट के दौरान लोग देशहित में सोना दान कर देते थे। आज दान की जरूरत नहीं है लेकिन विदेशी मुद्रा बचाने के लिए लोगों को एक साल तक सोने के गहने नहीं खरीदने का संकल्प लेना चाहिए।
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बाजार में बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्यूटी बढ़ने से घरेलू बाजार में सोना और चांदी और महंगे हो सकते हैं। इसका असर ज्वेलरी कारोबार, शादी-ब्याह के बाजार और निवेशकों पर भी दिखाई देगा। हालांकि सरकार का मानना है कि इससे सोने का आयात घटेगा और डॉलर की बचत होगी जिससे रुपए पर बना दबाव कुछ कम हो सकता है।












