मुरैना : जनसुनवाई में समाजसेवी भिड़े SDM, कहा- जाते हो या थप्पड़ मारूं… जानें क्या है मामला

मुरैना। जिले के सबलगढ़ SDM कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब एक समाजसेवी सामाजिक समस्याओं को लेकर शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। प्रशासनिक लापरवाही को लेकर उठाए गए सवालों के बीच SDM अरविंद माहौर और समाजसेवी के बीच तीखी बहस हो गई।
बहस इस हद तक पहुंच गई कि SDM ने गुस्से में समाजसेवी से कह दिया-‘जाते हो या थप्पड़ मारूं’ अब यह घटना वीडियो के रूप में वायरल हो गई है और प्रशासनिक अमले की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
जनसुनवाई की गरिमा पर सवाल
जनसुनवाई के दौरान रामपुर निवासी समाजसेवी जब अपनी बात SDM अरविंद माहौर के सामने रखने लगे, तो उन्होंने क्षेत्र में फैली सामाजिक समस्याओं और प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर सवाल उठाए। बताया जाता है कि इन सवालों से नाराज होकर SDM का पारा चढ़ गया और उन्होंने समाजसेवी के साथ अपशब्दों और धमकी भरे लहजे में बात की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि SDM ने समाजसेवी से गुस्से में कहा, “जाते हो या थप्पड़ मारूं?” इसके बाद वहां मौजूद फरियादी और अन्य लोगों में भी आक्रोश और असमंजस का माहौल बन गया। इस पूरी घटना का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
समाजसेवी संगठनों में आक्रोश
इस घटना के वीडियो वायरल होते ही समाजसेवी संगठनों और आम नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर लोग प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर जनसुनवाई जैसी सार्वजनिक प्रक्रिया में भी जनता को डराया-धमकाया जाएगा तो फिर आम आदमी अपनी समस्याएं कहां और कैसे रखेगा? घटना के बाद अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पहले भी विवादों में रहे हैं SDM माहौर
यह पहला मौका नहीं है जब SDM अरविंद माहौर का व्यवहार सवालों के घेरे में आया हो। इससे पहले भी वह थप्पड़ मारने को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। मुरैना में ही एक बार हाईवे पर तैनात एक प्राइवेट गार्ड को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया था, जिसे लेकर सोशल मीडिया में भारी बवाल मचा था। हालांकि, उस मामले में गार्ड ने कार्रवाई से इनकार कर दिया था, जिससे मामला शांत हो गया था।












