आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। यहां तीर्थयात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी और एक भारी वाहन के बीच इतनी भयानक टक्कर हुई कि 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में 10 से 12 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
यह घटना मंत्रालयम मंडल के चिलकलाडोना गांव के पास हुई, जहां एक बोलेरो गाड़ी सामने से आ रही रेडी-मिक्स लॉरी से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे लोग बुरी तरह फंस गए।
पुलिस के मुताबिक, बोलेरो गाड़ी में कुल 21 लोग सवार थे, जो कर्नाटक से आंध्र प्रदेश के मंत्रालयम स्थित श्री राघवेंद्र स्वामी के दर्शन के लिए जा रहे थे। जैसे ही गाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग 167 पर धर्मपुथेर टोल प्लाजा से कुछ किलोमीटर दूर पहुंची, सामने से आ रही एक तेज रफ्तार लॉरी से उसकी सीधी टक्कर हो गई।
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इस भीषण टक्कर में 5 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 3 अन्य की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। हादसे के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में ले जाया गया, जिनमें एम्मिगानूर का सरकारी अस्पताल भी शामिल है।
डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ घायलों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग कर्नाटक के चिकमगलूर और चिक्कबल्लापुर क्षेत्र के रहने वाले थे। इनमें महिलाएं, पुरुष और एक तीन साल की मासूम बच्ची भी शामिल है।
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बताया जा रहा है कि ये सभी लोग एक साथ तीर्थयात्रा पर निकले थे। गांव में जैसे ही इस हादसे की खबर पहुंची, हर घर में मातम छा गया।
आंध्र प्रदेश के परिवहन मंत्री मंदीपल्ली रामप्रसाद रेड्डी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज दिया जाए। वहीं स्थानीय विधायक टी.जी. भरत गुप्ता ने भी इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि तीर्थयात्रा के दौरान इस तरह की घटना दिल तोड़ने वाली है।
पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि ड्राइवर की गलती थी या फिर सड़क की स्थिति भी जिम्मेदार थी।
यह पहला मौका नहीं है जब इस इलाके में इतना बड़ा हादसा हुआ हो। अक्टूबर 2025 में भी यहां एक भीषण दुर्घटना हुई थी, जब हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही एक स्लीपर बस में आग लग गई थी।
उस हादसे में करीब 20 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। बताया गया था कि बस एक बाइक से टकराई थी, जिसके बाद फ्यूल टैंक फटने से आग लग गई थी।
कुरनूल का यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करता है। तेज रफ्तार, लापरवाही और भारी वाहनों का नियंत्रण से बाहर होना लगातार लोगों की जान ले रहा है।