
ताइपे/टोक्यो। ताइवान में 3 अप्रैल को आए 7.5 तीव्रता के भूकंप का कहर देखने को मिल रहा है। इस भूकंप में अब तक एक हजार लोग घायल हो गए हैं वहीं, 9 लोगों की मौत हो गई है। इसमें 100 से ज्यादा इमारतों, कई सड़कों, पुल, टनल को नुकसान पहुंचा। 50 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें से दो भारतीय भी हैं। दोनों भारतीय को आखिरी बार तारोको नेशनल पार्क में देखा गया था।
24 घंटे में 201 आफ्टरशॉक
भारतीय समय के मुताबिक, भूकंप बुधवार सुबह 5:30 बजे ईस्ट ताइवान के हुलिएन शहर में आया था। रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि लापता लोगों की तलाश जारी है। घायलों का इलाज किया जा रहा है। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, ताइवान में पिछले 24 घंटे में 201 आफ्टरशॉक आए। सभी की तीव्रता 5 से ज्यादा थी। वहीं, सबसे तेज आफ्टरशॉक की तीव्रता 6.5 बताई जा रही है।
Deeply saddened by the loss of lives due to earthquakes in Taiwan today. Our heartfelt condolences to the bereaved families and wishes for a speedy recovery to the injured. We stand in solidarity with the resilient people of Taiwan as they endure the aftermath and recover from…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 3, 2024
PM मोदी ने जताया दुख
ताइवान में भूकंप से मची तबाही पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में PM ने लिखा, “भूकंप में घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की मैं कामना करता हूं। हम इस मुश्किल घड़ी में उन लोगों के साथ हैं।”
ताइवान में रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी
भूकंप को देखते हुए भारत ने ताइवान में रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इंडिया ताइपे एसोसिएशन ने इमरजेंसी नंबर और ईमेल आईडी जारी की है। बता दें कि ताइवान में करीब 5 हजार भारतीय रहते हैं।
इमरजेंसी नंबर – 0905247906
ईमेल आईडी – [email protected]
कई इमारतें जमींदोज, बिजली भी हुई गुल
मौसम विभाग के मुताबिक, भूकंप ईस्ट ताइवान के हुलिएन शहर में आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.5 मापी गई, इसका केंद्र धरती से 34 किलोमीटर नीचे था। भारतीय समय के मुताबिक, सुबह 5:30 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके इतने ज्यादा तेज थे कि, ताइपे के कई हिस्सों की बिजली गुल हो गई है। वहीं कई इमारतें जमींदोज हो गईं, लैंड स्लाइड भी हुई है।
जापान में सुनामी का अलर्ट
ताइवान में आए भूकंप की कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें इमारतों को ढहते देखा जा सकता है। भूकंप की वजह से ताइवान में भारी तबाही हुई है। इसके बाद देशभर में ट्रेन सेवाएं सस्पेंड कर दी गईं हैं। कई लोगों के इमारतों में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। भूकंप की वजह से कई शहरों में बिजली की सप्लाई बाधित हो गई।
भूकंप के झटकों के तुरंत बाद पड़ोसी देश जापान अलर्ट हो गया और उसने सुनामी की चेतावनी जारी कर दी। लोगों को निचले इलाकों से जाने को भी कहा गया है। जापान का कहना है कि ओकिनावा प्रांत के आसपास के तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। सुनामी की ये लहरें तीन मीटर तक ऊंची हो सकती हैं।
आखिर क्यों आते हैं भूकंप ?
भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के भीतर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।
कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन दो सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।
किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है
- 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है।
- वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है।
- 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर गया हो।
- 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं।
- 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है।
- 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है।
- 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है।
- 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी।
- 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है।