अमित शाह ने बनाया रिकॉर्ड, आडवाणी को पीछे छोड़ा, सबसे लंबे कार्यकाल वाले केंद्रीय गृहमंत्री बने; पीएम मोदी ने की तारीफ

नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को इतिहास रच दिया। वे भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले केंद्रीय गृहमंत्री बन गए हैं। इस मौके पर एनडीए की संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न सिर्फ उन्हें बधाई दी बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा और राजनीतिक दृढ़ता के लिए उनके योगदान की सराहना भी की।
अमित शाह ने आडवाणी का रिकॉर्ड तोड़ा
5 अगस्त 2025 को अमित शाह ने बतौर गृह मंत्री 2,258 दिन पूरे कर लिए, जिससे वे लालकृष्ण आडवाणी के 2,256 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ गए। शाह ने 30 मई 2019 को नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में गृह मंत्री पद संभाला था और लगातार तीसरे कार्यकाल में भी इस पद पर बने हुए हैं। उनसे पहले कांग्रेस नेता गोविंद वल्लभ पंत (6 साल 56 दिन) और आडवाणी ही सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहे थे।
ठीक 6 साल पहले हटाया था अनुच्छेद 370, आज रचा रिकॉर्ड
5 अगस्त की तारीख अमित शाह के लिए बेहद खास रही है। 2019 में इसी दिन उन्होंने संसद में अनुच्छेद 370 हटाने का ऐतिहासिक प्रस्ताव पेश किया था, जिससे जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म हुआ और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया। अब ठीक 6 साल बाद उन्होंने गृहमंत्री के रूप में सबसे लंबी सेवा का रिकॉर्ड बना लिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने की शाह की तारीफ
एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, “अमित शाह का कार्यकाल सिर्फ समय की बात नहीं है, बल्कि आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ कड़ी नीति और संवैधानिक सुधारों का प्रतीक भी है।" उन्होंने शाह के रिकॉर्ड को एक “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया और कहा कि देश को एक मजबूत, निडर और दूरदर्शी गृह मंत्री मिला है।
गृहमंत्री के तौर पर लिए गए प्रमुख फैसले
अमित शाह ने अपने कार्यकाल में कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए-
- अनुच्छेद 370 हटाया गया, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम पारित।
- तीन तलाक को अवैध करार देकर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाया।
- नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को संसद से पारित कराया।
- यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर राज्य स्तरों पर पहल शुरू की।
- आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कड़े अभियान और नीतियों को अंजाम दिया।
- सहकारिता मंत्रालय के पहले मंत्री बने और देश में सहकारी आंदोलन को नई दिशा दी।
ऑपरेशन सिंदूर से लेकर संसद तक चर्चाओं में रहे शाह
हाल ही में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान, शाह की भूमिका फिर चर्चा में रही। यह ऑपरेशन पहलगाम में आतंकी हमले के बाद चलाया गया, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया। मॉनसून सत्र में विपक्ष ने इस पर बहस की मांग की, जिस पर खुद गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, और पीएम मोदी ने सरकार का पक्ष रखा।
पार्टी के ‘चाणक्य’ से गृह मंत्री तक का सफर
- अमित शाह ने भाजपा के संगठन में मजबूत पकड़ बनाते हुए पार्टी को कई राज्यों और केंद्र में सत्ता तक पहुंचाया।
- गुजरात के गृहमंत्री के रूप में कार्य किया।
- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए पार्टी को सर्वाधिक विस्तार दिया।
- 2019 में गृह मंत्री बने और देश की आंतरिक सुरक्षा नीति को कठोर और पारदर्शी बनाया।












