भोपाल। जुलाई में होने वाली अमरानाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन बुधवार से शुरू हो गए। नाम का पंजीयन कराने के लिए श्रद्धालु सुबह 4-5 बजे से ही जवाहर चौक स्थित जम्मू और कश्मीर बैंक की स्थानीय शाखा में पहुंच गए थे। बैंक खुलने तक यहां भारी भीड़ हो गई। बैंक के अंदर चालान भरने के बाद ही प्रवेश की व्यवस्था होने के कारण श्रद्धालुओं को धूप में बेहद परेशान होना पड़ा।

बैंक के बाहर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैंक प्रबंधन ने पुलिस बुला ली थी। श्रद्धालुओं की मानें तो पुलिस ने भी उनके साथ दुर्व्यवहार किया। कुछ बुजुर्ग श्रद्धालु धक्का-मुक्की के दौरान गिर भी गए। दो अन्य बैंक भारतीय स्टेट बैंक की न्यू मार्केट और पंजाब नेशनल बैंक की टीटी नगर शाखा में सीमित टोकन देने के कारण जम्मू और कश्मीर बैंक में भीड़ लग रही है।
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पंजीयन कराने के लिए श्रद्धालुओं को तेज धूप में परेशान होना पड़ रहा है। ओम शिव शक्ति सेवा मंडल के सचिव रिंकू भटेजा ने बताया कि हमने बैंक के सामने टेंट लगाने के लिए भिजवाया था, लेकिन बैंक प्रबंधन ने टेंट नहीं लगाने दिया, जबकि यह सेवा मंडल की तरफ से थी। भटेजा ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए पानी की व्यवस्था भी नहीं है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए भी परेशान हो रहे हैं। दरअसल श्राइन बोर्ड ने जेपी अस्पताल के दो डॉक्टर्स के नाम गलत होने के कारण श्रद्धालु परेशान हैं कि मेडिकल सर्टिफिकेट कैसे बन पाएंगे। भटेजा ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर्स के नाम बदलने के लिए उन्होंने श्राइन बोर्ड को मेल किया है।
शुल्क 150 रुपए प्रति व्यक्ति होगा। ग्रुप रजिस्ट्रेशन का शुल्क 250 रुपए प्रति व्यक्ति होगा। रिंकू भटेजा ने बताया कि अमरनाथ यात्रियों के रजिस्ट्रेशन से पहले स्वास्थ्य परीक्षण प्रारंभ हो चुके हैं। इसके लिए अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा मात्र 4 डॉक्टर्स ही अधिकृत किए गए हैं, जो कि भोपाल शहर एवं इसके आस पास के ग्रामीण क्षेत्र के हिसाब से मेडिकल करने के लिए कम हैं। भोपाल एवं ग्रामीण क्षेत्र से लगभग प्रति वर्ष लगभग दस हजार से ज्यादा भोले के बाबा बफार्नी के दर्शन के लिए जाते हैं। इस बार शहर से तकरीबन 10 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचेंगे।
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