अजमेर में उस समय हड़कंप मच गया, जब कलेक्ट्रेट के आधिकारिक ईमेल पर एक संदिग्ध मेल आया। इस मेल में दावा किया गया कि दरगाह गरीब नवाज, कलेक्टर ऑफिस, कुडनकुलम परमाणु संयंत्र और एक अन्य जगह पर RDX और IED लगाए गए हैं। मेल में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भी उल्लेख करते हुए कहा गया कि जैसे ही पुतिन भारत पहुंचेंगे, विस्फोट हो जाएंगे।
धमकी मिलते ही पुलिस, इंटेलिजेंस, CID और ATS टीम मौके पर पहुंची। दरगाह परिसर को तुरंत खाली कराया गया, जबकि कलेक्ट्रेट में काम कर रहे कर्मचारियों को बाहर निकालकर हर कमरे की जांच की गई। चार थानों की संयुक्त टीम ने पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बीडीएस, डॉग स्क्वॉड और मेटल डिटेक्टर की मदद से व्यापक चेकिंग की गई।
अजमेर एसपी वंदिता राणा ने बताया कि ईमेल नॉन-वेरिफाइड अकाउंट से भेजा गया है, लेकिन लिखी गई धमकियों को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी जगह से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। साइबर टीम मेल के स्रोत और सेंडर की पहचान कर रही है।
पुलिस प्रशासन ने दोनों लोकेशन्स पर सर्च ऑपरेशन पूरा किया और कहीं भी कोई खतरा नहीं मिला। दरगाह में अनुयायियों की एंट्री दोबारा शुरू हो गई है, जबकि कलेक्ट्रेट में भी कामकाज सामान्य है। धमकी में पुतिन का नाम होने के कारण मामले को बेहद संवेदनशील माना गया है और जिले में सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, हालात फिलहाल शांत और नियंत्रण में हैं। साइबर सेल ईमेल की तकनीकी जांच कर रही है और मेल भेजने वाले तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।