नहीं रहे विज्ञापन जगत के सितारे पियूष पांडे... स्नेह, हास्य और प्रेरणा की छोड़ गए मिसाल

मैंने पियूष को एक स्नेही मार्गदर्शक के अलावा भी अनेक रूपों में जाना।
शुभ्रांशु सिंह एक व्यवसायिक नेता, सांस्कृतिक रणनीतिकार और स्तंभकार हैं। उन्हें फ़ोर्ब्स द्वारा वर्ष 2025 के 50 सबसे प्रभावशाली वैश्विक CMO में शामिल किया गया है। वह असाधारण रूप से उदार व्यक्ति थे, जिनकी सरलता इस तेज़ रफ़्तार दुनिया में बहुत दुर्लभ थी।
उनकी बुद्धि और हास्यबोध अद्वितीय था मनचाहे तौर पे हर समय एक चतुर, सटीक टिप्पणी के साथ माहौल को हल्का कर देने की उनकी क्षमता सभी को प्रफुल्लित कर देती थी।
अपने पूरे जीवन में पियूष उन लोगों से गहराई से जुड़े रहे जिनकी उन्हें परवाह थी और व्यस्तता के बावजूद, हमेशा संपर्क में रहना, दोस्तों के लिए समय निकालना उनकी आदत थी।
उनकी उदारता का सबसे सुंदर रूप यह था कि वे दूसरों की प्रशंसा बहुत दिल से करते थे नो सतही नहीं होती बल्कि सच्चे प्रोत्साहन के रूप में, जो हर सहकर्मी और मित्र को प्रेरित करता था।
वे सचमुच एक सच्चे मित्र के मित्र थे जो अच्छे और कठिन दोनों समयों में साथ खड़े रहने वाले, और ऐसे रिश्ते बनाते थे जो सिर्फ़ पेशेवर दायरे तक सीमित नहीं रहते थे।
वह हर किसी से आत्मीयता से जुड़े रहते थे और एक ऐसा वातावरण रचते थे जिसमें सहयोग, अपनापन और गर्मजोशी अपने आप फैल जाती थी।
पियूष को खोना केवल एक विज्ञापन जगत के अग्रदूत को खोना नहीं है, बल्कि एक ऐसे दयालु, विनोदी और हृदय से जुड़े इंसान को खोना है, जिसकी आत्मा और प्रभाव उन सभी के भीतर जीवित रहेगा जिन्होंने उन्हें जानने का सौभाग्य पाया।
उनका काम अमर रहेगा
मेरी हवा में रहेगी ख्याल की बिजली
ये मुश्त ए खाक है फानी रहे ना रहे।
ओम शांति





















