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वंदे मातरम विवाद में पार्षद फौजिया के हुए बयान: 5 वकीलों के साथ पहुंचीं, 4 घंटे चली पूछताछ

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 5 वकीलों के साथ पहुंचीं,  4 घंटे चली पूछताछ
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। इंदौर में वंदे मातरम विवाद अब पूरी तरह कानूनी मोड़ ले चुका है और कांग्रेस पार्षदों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भाजपा पार्षद दल की शिकायत के बाद एमजी रोड थाना पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इसी कड़ी में सोमवार को कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम को पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह अकेली नहीं बल्कि 5 वकीलों की टीम के साथ एसीपी कार्यालय पहुंचीं।

    दोपहर करीब 12 बजे फौजिया शेख अपने वकीलों के साथ एसीपी विनोद दीक्षित के कार्यालय पहुंचीं, जहां उनसे करीब चार घंटे तक तीखी पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने पार्षद से 100 से अधिक सवाल पूछे और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जानकारी ली।

    वीडियो दिखाकर किया आमना-सामना

    पूछताछ के दौरान पुलिस ने नगर निगम बजट सत्र के वीडियो फुटेज भी दिखाए। जब उनसे पूछा गया कि वंदे मातरम के दौरान वे मौजूद थीं या नहीं, तो फौजिया शेख ने पहले कहा कि वह देर से पहुंची थीं और उन्होंने गाने से इनकार नहीं किया।हालांकि, पुलिस द्वारा दिखाए गए वीडियो में वह साफ तौर पर वंदे मातरम को लेकर इंकार करती नजर आईं। इस पर पुलिस अधिकारियों ने उनसे तीखे सवाल किए।

    ‘बाध्यता नहीं’ वाले बयान पर भी घिरीं

    पूछताछ के दौरान फौजिया शेख ने यह भी कहा कि राष्ट्रगीत गाना या न गाना किसी प्रकार की बाध्यता नहीं है। इस पर पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मंच पर राष्ट्रगीत का विरोध या अपमान करना किसी को भी अधिकार नहीं देता।पूछताछ एसीपी विनोद दीक्षित, टीआई विजय सिंह सिसौदिया और महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई। पूरे बयान और पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है।

    सदन में मचा था हंगामा

    गौरतलब है कि नगर निगम के बजट सत्र के दूसरे दिन वंदे मातरम नहीं गाने को लेकर कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख और रुबीना इकबाल के खिलाफ जमकर हंगामा हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि सभापति मुन्नालाल यादव ने फौजिया को सदन से बाहर जाने के निर्देश दे दिए थे।

    भाजपा ने खोला मोर्चा

    इस पूरे मामले में भाजपा पार्षद दल ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 9 अप्रैल को संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपकर दोनों पार्षदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। साथ ही एमजी रोड थाने में भी शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई थी। इस दौरान भाजपा पार्षदों ने थाने परिसर में नारेबाजी करते हुए वंदे मातरम का गान भी किया।

    अब रुबीना इकबाल पर नजर

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में अगला कदम कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाने का है।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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