4 लाख 75 हजार का 21 क्विंटल मावा जब्त, नकली होने का संदेह, खाद्य विभाग ने लिए सैंपल, ग्वालियर से भेजा गया था भोपाल

भोपाल। राजधानी में नकली मावे की सप्लाई पर लगाम लगाने के तमाम प्रयासों के बाद भी इस पर पूरी तरह ब्रेक नहीं लग पा रहा है। ताजा मामला भोपाल के पुरानी सब्जी मंडी इलाके का है, जहां से आज सुबह एक मिनी ट्रक से 21 क्विंटल माला बरामद किया गया है। खाद्य विभाग को यह सूचना मिली थी कि ग्वालियर से नकली मावे की बड़ी खेप भोपाल भेजी गई है। ऐसे में देर रात ही खाद्य विभाग के अफसरों में मोर्चा संभाल लिया था। सुबह 6 बजे यह मिनी ट्रक जब पुरानी सब्जी मंडी पहुंचा, तो इसमें रखे मावे के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। विभाग के अफसरों को संदेह है कि य़ह मावा नकली है, लिहाजा मावे की पूरी खेप को फिलहाल जब्त कर लिया गया है। इस मावे की कीमत लगभग 4 लाख 75 हजार रूपए बताई जा रही है।
इस ट्रक में तिरपाल के नीचे छिपाकर रखा गया था मावा[/caption]
न भेजने वाले का पता, न पाने वाले का
भोपाल में नकली मावे का काला कारोबार लंबे समय से ग्वालियर और चंबल अंचल से ही ऑपरेट किया जा रहा है। खास तौर पर त्यौहार या गर्मियों के दिनों में नकली मावे की आवक आम दिनो के बजाय कहीं ज्यादा हो जाती है। ये कारोबारी भोपाल तक नकली मावा या तो ट्रक से बगैर भेजने और पाने वाले की जानकारी देकर भेजते हैं या फिर ट्रेन के जरिए फर्जी नाम से बुक कर भेजते हैं। ऐसे में नकली मावा कारोबार के असली सरगनाओं के गिरेबान तक विभाग के हाध नहीं पहुंच पाते। भोपाल में जैसे ही खाद्य विभाग और पुलिस की टीमें एक्टिव होती हैं, वैसे ही नकली मावे की सप्लाई कुछ समय के लिए रोक दी जाती है। स्थिति सामान्य होते ही नकली मावे की आपूर्ति दोबारा शुरू हो जाती है। यह सिलसिला दशकों से चला आ रहा है। [caption id="attachment_76639" align="aligncenter" width="600"]
इस ट्रक में तिरपाल के नीचे छिपाकर रखा गया था मावा[/caption]












