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एपीएसडी के छात्रों ने जर्मन नाटककार ब्रेख्त के लिखे नाटक का किया मंचन

नाटक थ्री पैनी ओपेरा के हिंदी रूपांतरण का तमाशा का रवींद्र भवन में किया गया मंचन

भोपाल। जर्मन नाटककार बर्टोल्ट ब्रेख्त के नाटक थ्री पैनी ओपेरा का मंचन मप्र नाट्य विद्यालय के द्वितीय वर्ष के छात्रों ने मंगलवार को रवींद्र भवन में किया। फिल्म लेखक व अभिनेता अतुल तिवारी ने इसका हिंदी रूपांतरण तमाशा शीर्षक से किया। वहीं इसका निर्देशन जयंत देशमुख ने किया।

ब्रेख्तियन नाटकीय तकनीकों से लैस था नाटक

ब्रेख्तियन थिएटर शैली, ब्रेख्तियन थिएटर, जिसे एपिक थिएटर के नाम से जाना जाता है, एक उपदेशात्मक नाटक है, जहां दर्शकों को वस्तुनिष्ठ रूप से सोचने और निष्क्रिय दर्शक बनने के बजाय सीधे थिएटर प्रोडक्शन से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। सबसे प्रसिद्ध ब्रेख्तियन तकनीकों में वी-इफेक्ट और हिस्टोरिकेशन शामिल हैं। ब्रेख्तियन थिएटर रुकावटों और गैर-अनुक्रमिक जुड़ावों के लिए जाना जाता है जो दर्शकों को मंच पर होने वाली घटनाओं के साथ सहानुभूति रखने से रोकते हैं।

समाज की विषमताओं पर करारा प्रहार

नाटक में मैकीथ (जेडी रामपुरिया) लंदन के भिखारियों के एक गिरोह के नेता की बेटी पॉली पीचम (पॉली बोधन) से शादी करता है। मिस्टर पीचम (बोधनदास) मैकीथ को गिरफ्तार करवाने की योजना बनाता है मैकीथ भाग जाता है, लेकिन एक प्रॉस्टिट्यूट, जेनी (जाना बाई) द्वारा धोखा दिया जाता है। फांसी की सजा पाए मैकीथ को वहां की रानी के राज्याभिषेक के दिन अंतिम समय में क्षमादान मिलने से बचा लिया जाता है। इसे ब्रेख्त के एपिक थियेटर की विशेषताओं के साथ तैयार किया है।

नाटक का उद्देश्य समाज की विषमताओं को उजागर करना है। थ्री पेनी ओपेरा में ब्रेख्त ने पारंपरिक ओपेरा के रूपों का प्रयोग किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने इसमें सामाजिक और राजनैतिक संदर्भ भी जोड़े हैं। नाटक की संगीत परिकल्पना आमोद कृष्ण भट्ट, प्रकाश परिकल्पना सुरेश भारद्वाज, कॉस्ट्यूम शारोन मेरी मसीह और सहायक निर्देशन आकाश विश्वकर्मा ने किया।

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