
शाहिद खान भोपाल। पब्लिक ट्रांसपोर्ट यानी सिटी बसों से ऑफिस, घर, कोचिंग और स्कूल जाने वालों को आपने अकसर बसों का इंतजार करते देखा होगा। इनकी सुविधा के लिए नगर निगम ने बस स्टॉप बनवाए हैं। यहां बैठने के लिए स्टील की कुर्सियों सहित बसों के आनेजा ने की जानकारी देने वाले एलईडी बोर्ड लगवाए थे। प्रॉपर देखरेख न होने से कई बस स्टॉप से कुर्सियां गायब हैं। चोर, बस स्टॉप की कुर्सियों और पाइप को काटकर कबाड़ियों को बेच रहे हैं। शहर में ऐसी स्थिति कम से कम दस बस स्टॉप पर देखी जा सकती है। ढेरों शिकायतों के बाद भी बीसीएलएल बेफिक्र है।
निगम और उसकी होल्डिंग कंपनी भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) ने शहर में 400 से ज्यादा बस स्टॉप बनवाए हैं। मिसरोद से भैंसाखेड़ी तक 24 किमी लंबे बीआरटीएस कॉरिडोर में ही 70 आधुनिक बस स्टॉप बने हैं। ज्यादा खराब स्थिति नॉन बीआरटीएस बस स्टॉप की है, जिन्हें निगम ने पीपीपी मोड पर बनवाया है। इसमें निगम का एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ।
विज्ञापन से कमाई : निगम ने कंपनी को इसके एवज में विज्ञापन कर कमाई करने का अधिकार दिया है। ऐसे में कंपनी बस स्टॉप पर सिर्फ विज्ञापन बोर्ड के मैंटेनेंस पर ध्यान देती है। नतीजा-यहां लगी कुर्सियां गायब हो रही हैं। बस स्टॉप्स पर लगी स्टील की चादरों को भी निकाल लिया गया है।
बीसीएलएल को रॉयल्टी से मतलब, मेंटेनेंस से नहीं
ये हालात तब है जबकि बीसीएलएल को प्रत्येक पुराने बस स्टॉप से हर महीने 12 हजार और नए बस स्टॉप से 6 हजार रुपए महीने की रॉयल्टी मिल रही है। बावजूद इनकी व्यवस्थाएं एजेंसियों के भरोसे है। प्राइवेट एजेंसियों को बस स्टॉप में सिर्फ विज्ञापनों से मतलब है। यात्री सुविधाओं से उनका कोई सरोकार नहीं है। नगर निगम भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।
गैस कटर से काट रहे कुर्सियां और पाइप
सूत्रों ने बताया कि रात में चोर छोटे एलपीजी गैस सिलेंडर वाले गैस कटर से बस स्टॉप पर लगी कुर्सियों और स्टील पाइप को काट लेते हैं। यह सिलेंडर और इसका नोजल बाजार में 400 से 500 रुपए में मिल जाता है। कुर्सियों को बिना गैस कटर के चुराना मुश्किल है। उन इलाकों में सबसे ज्यादा बस स्टॉप से कुर्सियां काटी गई हैं, जहां चहल-पहल कम होती है।
यहां टूटे पड़े हैं बस स्टॉप
न्यू मार्केट, टीटी नगर, भोपाल टॉकीज चौराहा, जिंसी चौराहा, डिपो चौराहा, माता मंदिर नगर निगम मुख्यालय के पास, मैनिट, लिली टॉकीज, वरदान अस्पताल के सामने जहांगीराबाद सहित सैकड़ों बस स्टॉप से कुर्सियां गायब हैं।
बीआरटीएस सहित शहर में लगभग 400 बस स्टॉप हैं। बीआरटीएस स्टॉप का मेंटेनेंस बीसीएलएल करती है। नॉन बीआरटीएस बस स्टॉप का मेंटेनेंस इन्हें बनाने वाली कंपनी के पास है। कुर्सियां टूटने या अन्य किसी दिक्कत की शिकायत मिलने पर संबंधित कंपनी से मेंटेनेंस कराया जाता है। – संजय सोनी, पीआरओ, बीसीएलएल