
वॉरसॉ। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय यूक्रेन और पोलैंड के दौरे पर हैं। पोलैंड में पीएम मोदी ने भारतीय मूल के लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि, 45 साल बाद कोई पीएम पहली बार पोलैंड आया है। कुछ अच्छे काम मेरे नसीब में ही लिखे हैं। वहीं दुनिया में फैली अशांती को लेकर बोले- ‘यह युद्ध का युग नहीं है’, किसी भी संघर्ष को कूटनीति और बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए।
जाम साहब स्मारक का गुजरात कनेक्शन
PM मोदी बुधवार (21 अगस्त) को 2 दिन के पोलैंड दौरे पर राजधानी वॉरसॉ पहुंचे। यहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद वे नवानगर के जाम साहब दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जाडेजा के स्मारक पहुंचे और शृद्धांजलि अर्पित की। जिसका उद्घाटन नवंबर 2017 में किया गया था।
जाम साहब दिग्विजयसिंहजी रणजीतसिंहजी जाडेजा गुजरात के नवानगर (अब जामनगर) के महाराजा थे। उन्होंने ने पोलैंड के 1000 अनाथ बच्चों को पेरेंट्स की तरह पाला था। उस समय उन्होंने बच्चों से कहा था, ‘खुद को अनाथ मत समझो, मैं तुम्हारा पिता हूं।’
कुछ अच्छे काम मेरे नसीब में ही लिखे हैं : PM
पीएम मोदी ने पोलैंड की राजधानी वारसॉ में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि, आप सभी पोलैंड के अलग-अलग हिस्सों से आए हैं। सबकी भाषाएं, बोलियां, खानपान अलग-अलग हैं, लेकिन सब जुड़े हुए हैं। पिछले 1 हफ्ते से भारत की मीडिया में आप ही लोग छाए हुए हैं। पोलैंड के लोगों की खूब चर्चा हो रही है। 45 साल बाद कोई भारतीय पीएम पोलैंड आया है। कुछ अच्छे काम मेरे नसीब में ही लिखे हैं।
पीएम ने कहा कि, ऐसे कई देश हैं जहां दशकों तक भारत का कोई प्रधानमंत्री नहीं पहुंचा है। लेकिन अब परिस्थितियां दूसरी हैं। पहले की सरकारों की नीति रहती थी कि दूरी बनाए रखो। हमारी नीति यह है कि हमें सभी देशों से नजदीकी बनाए रखनी है। आज का भारत सबसे जुड़ना चाहता है और सबके विकास की बात करता है। आज का भारत सबके साथ है और सबके हित की सोचता है।
पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें
- भारत भगवान बुद्ध की विरासत की भूमि है और शांति में विश्वास करता है। इसलिए, भारत शांति का हिमायती है। हमारा रुख बहुत स्पष्ट है – यह युद्ध का युग नहीं है। यह उन चुनौतियों के खिलाफ एकजुट होने का समय है जो मानवता के लिए खतरा हैं। इसलिए, भारत युद्ध के हल के लिए संवाद और कूटनीति में भरोसा रखता है।
- 21वीं सदी का भारत अपनी विरासत पर गर्व करते हुए विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। आज का भारत सभी के विकास की बात करता है। आज का भारत सभी के साथ है और सभी के हितों के बारे में सोचता है।
- हमने पूरे विश्व को एक परिवार माना है और यह आज के भारत की नीतियों और निर्णयों में दिखाई देता है।
- हम भारतीयों की एक पहचान empathy भी है। कोविड के समय भारत ने दुनिया के 150 देशों को दवाएं भेजीं, दुनिया में कहीं भी आपदा आती है। भारत पहला देश होता है, जो मदद के लिए हाथ बढ़ाता है। भारत का एक ही मंत्र है- ह्यूमैनिटी फर्स्ट। दुनिया में कहीं भी युद्ध हो, भारत का एक ही मंत्र है- ह्यूमैनिटी फर्स्ट।
- NASSCOM का अनुमान है कि भारत अपने Digital Infrastructure के कारण इस दशक के अंत तक एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन जाएगा। मैंने देश की जनता को वादा किया है, मेरे तीसरे टर्म में भारत, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर रहेगा।
- भारत जाम साहब यूथ एक्सचेंज प्रोगाम शुरू करने जा रहा है। इसके तहत भारत 20 पोलिश युवाओं को हर साल भारत आने के लिए आमंत्रित करेगा।
- पिछले 10 सालों में भारत में 2.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। यह संख्या ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की कुल आबादी से भी ज्यादा है। पिछले 10 सालों में गरीबों के लिए 4 करोड़ पक्के घर बनाए गए हैं।
PM के पोलैंड दौरे के दूसरे दिन का शेड्यूल
(भारतीय समय के मुताबिक)
- चांसलरी में औपचारिक स्वागत- दोपहार 1 बजकर 30 मिनट
- पीएम डोनाल्ड टस्क से मुलाकात- दोपहर 1 बजकर 45 मिनट
- प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता दोपहर 2 बजकर 15 मिनट
- प्रेस कॉन्फ्रेंस- दोपहर 3 बजकर 5 मिनट
- पीएम टस्क के साथ भोज- दोपहर 3 बजकर 30 मिनट
- अज्ञात सैनिकों की कब्र पर पुष्पांजलि- शाम 5 बजे
- राष्ट्रपति आंद्रेज सेबेस्टियन डूडा से मुलाकात- शाम साढ़े 5 बजे
- बिजनेस लीडर्स के साथ बातचीत- शाम 7 बजकर 20 मिनट
- यूक्रेन के लिए निकलेंगे- रात 9 बजे
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