
भड़काऊ भाषण देने के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक और पूर्व मंत्री आजम खान दोषी करार दिए गए हैं। आजम खान पर पीएम मोदी, सीएम योगी और तत्कालीन डीएम को लेकर अपशब्द कहने का आरोप था, जिसे लेकर सपा नेता दोषी पाए गए हैं। बता दें कि, 20 मई 2022 को आजम खान जमानत पर जेल से बाहर आए थे।
क्या है पूरा मामला?
हेट स्पीच का यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा है। कथित रूप से आजम खान ने रामपुर की मिलक विधानसभा में एक चुनावी भाषण के दौरान आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां की थीं। आरोप है कि उन्होंने भड़काऊ भाषण दिया था जिससे दो वर्गों में नफरत फैल सकती थी। इसकी शिकायत भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने की थी। इसी मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान को दोषी करार दिया है।

इस मामले में दोनों पक्षों की बहस 21 अक्तूबर को पूरी हो गई थी। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 27 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की थी।
आजम खान की जा सकती है विधायकी
दोषी करार देने के बाद सपा विधायक आजम खान की विधायकी जा सकती है। 7 अप्रैल 2019 को आजम खान ने PM मोदी और तत्कालीन DM आंजनेय कुमार सिंह के खिलाफ हेट स्पीच दी थी। कोर्ट ने आजम खां को आईपीसी की धारा 153-ए, 505-ए और 125 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दोषी करार दिया है।
153A में अधिकतम 3 साल की कैद और जुर्माने का प्रावधान है। अगर उन्हें 3 साल की सजा होती है तो उनकी विधायकी भी चली जाएगी।