
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या के विरोध में गुरुवार (15 अगस्त) रात प्रदर्शन हिंसक हो गया। गुस्साई भीड़ पुलिस बैरिकेड तोड़कर आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में घुस गई और जमकर तोड़फोड़ की। अस्पताल के बाहर खड़ी एक बाइक में भी आग लगा दी गई। हालात को काबू में लाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और लाठीचार्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार, लगभग 40 लोगों का समूह कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों के रूप में अस्पताल परिसर में घुसा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस घटना में एक पुलिस वाहन और मौके पर मौजूद कुछ दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हिंसा में कुछ पुलिस अधिकारी घायल भी हुए हैं।
‘रिक्लेम द नाइट’ अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से कहा कि अस्पताल के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं और उन्हें स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। ‘रिक्लेम द नाइट’ अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन रात 11 बजकर 55 मिनट पर शुरू हुए। सोशल मीडिया के जरिए जोर पकड़ने वाला यह अभियान कोलकाता के कई ऐतिहासिक स्थलों सहित छोटे शहरों और बड़े शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में फैल गया।
रिक्लेम द नाइट’ के नाम से महिला मुक्ति आंदोलन की शुरुआत 1977 में इंग्लैंड के लीड्स में से हुई थी। इंग्लैंड में एक महिला की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, तो पुलिस ने महिलाओं को रात में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी। इसके विरुद्ध ही ‘रीक्लेम द नाइट’ का आह्वान किया गया था।
देखें VIDEO – https://x.com/psamachar1/status/1823953111901196426
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता सीपी से बात की
कोलकाता पुलिस आयुक्त (सीपी) विनीत गोयल करीब दो बजे घटनास्थल पर पहुंचे। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्होंने गोयल से बात की और उनसे यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि ‘आज की हिंसा के लिए जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति की पहचान की जाए, उसे जवाबदेह ठहराया जाए और अगले 24 घंटों के भीतर उसे कानून के दायरे में लाया जाए, भले ही उसकी राजनीतिक संबद्धता कुछ भी हो।’
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आज रात आरजी कर में गुंडागर्दी और बर्बरता की सभी सीमाएं लांघ दी गईं। प्रदर्शनकारी चिकित्सकों की मांगें उचित और न्यायसंगत हैं। वे सरकार से कम से कम इतनी उम्मीद तो सकते हैं। उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
‘तृणमूल के गुंडे’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि यह तोड़फोड़ पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा भेजे गए ‘‘तृणमूल के गुंडों” ने की। अधिकारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा- ममता बनर्जी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पास गैर-राजनीतिक विरोध रैली में तृणमूल के अपने गुंडों को भेजा है। वह सोचती हैं कि वह पूरी दुनिया में सबसे चतुर व्यक्ति हैं और लोग इस चालाक योजना को नहीं समझ पाएंगे कि प्रदर्शनकारियों के रूप में आने वाले उनके गुंडे भीड़ में शामिल होकर आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के अंदर बर्बरता करेंगे।
अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने बदमाशों को सुरक्षित रास्ता दिया। उन्होंने पोस्ट में कहा- पुलिस ने उन्हें सुरक्षित रास्ता दिया। पुलिस कर्मी या तो भाग गए या दूसरी तरफ देखते रहे, ताकि ये बदमाश अस्पताल परिसर में घुस जाएं और उन क्षेत्रों को नष्ट कर दें जहां अहम सबूत हैं ताकि ये सबूत सीबीआई (केंद्रीय अन्वेष्ण ब्यूरो) के हाथ न लगें।
क्या है मामला?
गुरुवार (8 अगस्त) को कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में महिला ट्रेनी डॉक्टर से रेप और हत्या की वारदात हुई थी। नाइट शिफ्ट की ड्यूटी कर एक जूनियर डॉक्टर के साथ खाना खाने के बाद ट्रेनी डॉक्टर सेमिनार हॉल में थोड़ी देर रेस्ट करने गई थी, लेकिन सुबह तक नहीं लौटी। वह मेडिकल कॉलेज में सेकंड ईयर की छात्रा थी। शुक्रवार (9 अगस्त) सुबह ट्रेनी डॉक्टर का शव सेमिनार हॉल में अर्धनग्न और चोटिल अवस्था में मिला था। पुलिस ने बताया था कि ट्रेनी डॉक्टर का रेप कर उसकी हत्या की गई है। घटनास्थल पर शव खून से लतपथ था। प्राइवेट पार्ट, आंखों और मुंह से खून बह रहा था। उसकी गर्दन की हड्डी भी टूटी हुई पाई गई थी।