
जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम(जेईई)मेन के रिजल्ट के बाद कई स्टूडेंट्स परेशान हैं क्योंकि उम्मीद के मुताबिक उनके परसेंटाइल नहीं आए। वहीं जेईई मेन अप्रैल सेशन में दूसरी बार परीक्षा का मौका मिलेगा लेकिन बोर्ड एग्जाम के बाद जेईई मे परीक्षा देने पर ज्यादा स्कोर बढ़ने की उम्मीद नहीं रहती। वहीं स्टूडेंट्स अब अपने लिए विकल्प तलाश रहे हैं कि 60 से 90 परसेंटाइल तक उन्हें किन कॉलेजेस या प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में एडमिशन मिल सकता है। प्राइवेट यूनिवर्सिटीज ने अपनी एप्लीकेशन प्रोसेस भी शुरू कर दी है ताकि स्टूडेंट्स आवेदन कर सकें हालांकि इनकी फीस ज्यादा होती है लेकिन 60 से 90 परसेंटाइल स्कोर करने वाले स्टूडेंट्स को ब्रांच के मुताबिक एडमिशन मिल जाता है। भोपाल के इंजीनियरिंग कॉलेज में 80 से 90 परसेंटाइल तक वाले स्टूडेंट्स को कंप्यूटर साइंस ब्रांच मिल जाती है और उससे कम परसेंटाइल पर बाकी ब्रांच में दाखिले का मौका रहता है।
ब्रांच व परसेंटाइल के आधार पर मिल रहा एडमिशन गाइडेंस
प्राइवेट यूनिवर्सिटी अपनी निजी विवि को मिली नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क(एनआईआरएफ)रैंक के साथ एडमिशन ओपन कर चुकी हैं। इन यूनवर्सिटी के ब्रोशर व एडमिशन लिंक भी ओपन कर दिए गए हैं जिसमें यूनिवर्सिटी के पूर्व प्लेसमेंट व सुविधाओं की जानकारी लेकर स्टूडेंट्स आवेदन कर सकते हैं। हर कॉलेज अपने स्तर पर यह गाइडेंस देता है जिसकी जानकारी आॅनलाइन वेबसाइट पर एप्लाई करके ली जा सकती है।
निजी विवि में आवेदन का मौका
थापर यूनिवर्सिटी, आनंद महिंद्रा, वीआईटी, निरमा, एलएनसीटी, आईईएस, सिम्बयोसिस, शादरा विवि, लवली प्रोफेशनल, पारुल यूनिवर्सिटी, मणिपाल, यूपीईएस, बिरड़ा, सीवी रमन, ट्रिपलआईटी, भारतीय विद्यापीठ, जेबी इंस्टीट्यूट, जायपी, शिव नाडार यूनिवर्सिटी सहित 50 से अधिक यूनिवर्सिटी 80 से 90 परसेंटाइल पर एडमिशन देती हैं।
प्रदेश के अच्छे कॉलेजों में मिलता है जेईई स्कोर से मौका
यदि जेईई में स्कोर 75 से 90 के बीच है प्रदेश के अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में सीएस और एआई-मशीन लर्निंग जैसे कोर्स में भी एडमिशन मिल जाता है इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। दूसरा, कॉलेज में आकर अपनी स्किल्स को बेहतर करके स्टूडेंट्स को प्लेसमेंट भी मिल रहे हैं जो कि एवरेज 6 से 8 लाख रुपए के बीच हैं। -बीएस यादव, चांसलर आईईएस यूनिवर्सिटी
एआई-मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी कोर्स में लें एडमिशन
मप्र के इंजीनियरिंग कॉलेज में सीएस की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है तो 90 फीसदी तक परसेंटाइल वाले स्टूडेंट्स को अच्छे कॉलेज में यह ब्रांच मिल जाती है। इससे थोड़े कम परसेंटाइल पर आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस व मशीन लर्निंग, एआई और डाटा साइंस, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन ब्रांच में एडमिशन मिल जाता है। -अमितबोध उपाध्याय, फैकल्टी, एलएनसीटी