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शहरों में घर बनाना अब और महंगा सरकार से खरीदना होगा FAR

अशोक गौतम भोपाल । अगर आप घर बनाना चाह रहे हैं तो जल्द बना लें, क्योंकि शहरों में पहली मंजिल या इससे ऊपर घर बनाना महंगा हो जाएगा। अब भवन अनुज्ञा शुल्क के अलावा पहली मंजिल या इससे ऊपर घर बनाने के लिए मकान मालिक को सरकार से फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) खरीदना होगा। इसके लिए सरकार भूमि विकास का नया नियम ला रही है। इसके तहत अलग-अलग जगह एफएआर रेट अलग-अलग होगा, जो कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार तय होगा। वर्तमान में भवन बनाने के लिए लोगों को सिर्फ भवन अनुज्ञा का शुल्क देना होता है। वहीं, ग्रीन बिल्डिंग बनाने पर सरकार कॉलोनाइजर को शुल्क में छूट भी दी देगी। नगरीय प्रशासन एवं विभाग ने भूमि विकास नियम 2023 तैयार कर इसे विधि विभाग को भेज दिया है। विधिक परीक्षण के बाद इस विधेयक को विधानसभा में रखा जाएगा।

एफएआर बेच भी सकेंगे मकान मालिक

मकान मालिकों को एफएआर बेचने की सुविधा दी जाएगी। वर्तमान में रोड, मेट्रो सहित अन्य विकास कार्यों के लिए जिनके भवन तोड़े जाते हैं, उन्हें सिर्फ मुआवजे का फायदा दिया जाता है। एफएआर खरीदी स्कीम से उन्हें बड़ा फायदा होगा। जिन लोगों के पास बहुमंजिला भवन बनाने के लिए पैसे नहीं हैं, वह अपना एफएआर बेचकर कमाई कर सकेंगे।

12-12 मीटर की दूरी पर खोले जा सकेंगे पेट्रोल पंप

नए नियम आने से एक पेट्रोल पंप की दूसरे पेट्रोल पंप से दूरी सीमा कम होगी। शहरी क्षेत्रों में 50 हजार की आबादी वाले क्षेत्रों में 12-12 मीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप खोले जा सकेंगे। वर्तमान में ये दूरी 18 मीटर तय है। 50 हजार से कम आबादी वाल क्षेत्र में पेट्रोल पंपों की दूरी 22 मीटर से ज्यादा हो सकेगी।

पॉश कॉलोनियों में भी होगा आम लोगों का रहवास

पॉश कॉलोनियों में सामान्य आय वर्ग के लोग भी निवास कर सकेंगे। इसके लिए कॉलोनाइजर को अपनी कॉलोनी में सामान्य आय वर्ग के लोगों के लिए अफोर्डेबल हाउस की स्कीम लानी होगी। अगर वे आवास नहीं बना पा रहे हैं या आवासों की बुकिंग नहीं हो पा रही है तो उसके लिए उन्हें जगह छोड़नी पड़ेगी, जिससे मांग के आधार पर आवास बनाए जा सकें।

व्यावसायिक भवन बनाने पर आईटी का प्रावधान

व्यावसायिक भवन बनाने पर कॉलोनाइजर को आईटी का प्रावधान करना होगा। इसमें इंटरनेट वायर, वाईफाई, 5-जी टॉवर सहित अन्य सुविधाएं देनी होगी। ईवी चार्जिंग के लिए भी प्रावधान करना होगा।

नियम बदलना सरकार की मजबूरी

दरअसल, केन्द्र सरकार ने सभी राज्यों को मॉडल बिल्डिंग बायलॉज लाने के लिए कहा है। केन्द्र सरकार निकायों को अनुदान देगी। केन्द्र ने प्रारंभिक चरण में इसके लिए 600 करोड़ से अधिक का बजट रखा है।

भूमि विकास का नया नियम सरकार स्तर पर विचाराधीन है। नियमों में क्या बदलाव होने हैं, यह बताना तब तक उचित नहीं होगा, जब तक विधि विभाग से परीक्षण होने के बाद अंतिम प्रकाशन नहीं किया जा सकता है। – एमसी गुप्ता, कमिश्नर, नगर तथा ग्राम निवेश

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