
जबलपुर। चलते-चलते वृद्ध महिला के पैर की हड्डी अचानक से बिना किसी चोट के टूट गई। लगातार उपचार के बाद भी जब राहत नहीं मिली तो वे छिंदवाड़ा से जबलपुर मेडिकल कॉलेज उपचार के लिए आई । यहां पर सर्जरी विभाग में केस पहुंचा तो विशेषज्ञ डॉ. संजय यादव ने जांच कराई, जिसमें पता चला कि वृद्ध महिला मरीज के गले में जामुन के जितना पैराथायराइड ग्रंथी का ट्यूमर है। मरीज के परिजनों की सहमति के बाद सर्जरी कर पैराथायराइड ग्रंथि के ट्यूमर को बाहर निकाला गया। डॉ. संजय कुमार यादव स्तन कैंसर थायराइड और एंडोक्राइन विशेषज्ञ ने मरीज के परिजनों के हवाले से बताया कि बिना चोट के वृद्धा की हड्डी टूट गई थी। लेकिन हड्डी जुड़ नहीं रही। हमने ट्यूमर को सर्जरी से निकाल दिया है अब मरीज को दर्द से राहत मिल गई है।
कैल्शियम की मात्रा नियंत्रित करती हैं गले की ग्रंथियां
डॉ. यादव ने बताया कि हमारे गले में ये चावल के दाने के बराबर चार ग्रंथियां होतीं हैं और शरीर में कैल्शियम की मात्रा को नियंत्रित करती है। इस ग्रंथि का कोई भी ट्यूमर रक्त में कैल्शियम की वृद्धि का कारण बन सकता है। इससे हड्डियां खोखली हो जाती हैं। कैल्शियम हृदय, मस्तिष्क, अग्न्याशय में जमा हो सकता है जिससे जीवन के लिए खतरा पैदा हो सकता है। सर्जरी से इसे ठीक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि लोगों में इसे लेकर जागरुकता नहीं है जिसके कारण बीमारी पकड़ में नहीं आती है।