
नई दिल्ली। WFI अध्यक्ष बृजभूषण पर एक्शन के लिए जंतर-मंतर पर जारी पहलवानों के धरने में बुधवार रात जमकर बवाल हुआ। बताया जा रहा है कि, धरना दे रहे पहलवानों और पुलिस में बुधवार देर रात झड़प हो गई। जिसमें कुछ रेसलर्स को चोटें आई हैं। वहीं रेसलर्स ने गुरुवार को कहा कि, हम सभी मेडल्स भारत सरकार को लौटा देंगे।
भारत सरकार को मेडल्स लौटाने का ऐलान
जंतर-मंतर पर बुधवार देर रात हुए बवाल के बाद गुरुवार (4 मई) को पहलवानों ने सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पहलवानों ने कहा कि उनकी लड़ाई सरकार या विपक्ष से नहीं है, उनकी लड़ाई बृजभूषण शरण सिंह से है। इस दौरान रेसलर्स ने कहा कि, क्या यही दिन देखने के लिए हम देश के लिए मेडल लाए थे। विनेश फोगाट ने ऐलान किया कि पहलवान राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जीते हुए सभी मेडल लौटाएंगे।
विनेश फोगाट के भाई को सिर में लगी चोट
बताया जा रहा है कि, पुलिस के एक मुलाजिम ने महिला पहलवानों से गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। इसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा। पहलवानों ने पुलिस पर हमला करने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। पुलिस के साथ हुई झड़प में विनेश फोगाट के भाई दुष्यंत का सिर फूट गया। वहीं गुरुवार को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल, किसान और खाप नेता भी रेसलर्स से मिलने पहुंचे।
भाजपा सांसद के खिलाफ दो मामले दर्ज
भाजपा सांसद के खिलाफ दो प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं। पहली एक नाबालिग द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित है, जिसे यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के साथ भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। दूसरी प्राथमिकी शिकायतों की व्यापक जांच के संबंध में दर्ज की गई है। खेल मंत्रालय ने कुश्ती महासंघ के सात मई को होने वाले चुनावों पर रोक लगा दी है तथा भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) से इस खेल संस्था के कामकाज को देखने और 45 दिनों के अंदर चुनाव कराने के लिए तदर्थ समिति गठित करने के लिए कहा है।
क्या है मामला?
भारतीय पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक समेत 30 पहलवानों ने कुश्ती महासंघ और उसके अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 18 जनवरी को जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन शुरू किया था। संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और कुछ कोच पर ओलिंपिक विजेता खिलाड़ियों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पहलवानों का दावा है कि कुश्ती महासंघ नियमों के नाम पर रेसलर्स का उत्पीड़न कर रहा है।
पहलवानों का कहना है कि, उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। WFI अध्यक्ष सरेआम पहलवानों के साथ अभद्रता करते हैं और गाली-गलौज करते हैं। पहलवानों ने कुश्ती महासंघ को भंग करने की मांग उठाई है। बृजभूषण पर भारतीय कुश्ती संघ का अध्यक्ष पद छोड़ने का दवाब बनाया जा रहा है, लेकिन वह इस्तीफा देने को राजी नहीं हैं। आरोपों को झूठ बताते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि, अगर आरोप सही साबित हुए तो मैं फांसी पर लटकने के लिए तैयार हूं।
ये भी पढ़ें- मुझे फांसी दे दो, लेकिन कुश्ती की गतिविधियां नहीं रुकनी चाहिए : WFI प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह