इंदौर - नगर निगम में हुए विवाद के बाद पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी करने वाली रुबीना इकबाल खान पर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपना लिया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि रुबीना खान अब कांग्रेस में नहीं हैं और उन्हें खुद को तत्काल पार्टी से बाहर मान लेना चाहिए।
चिंटू चौकसे ने बेहद आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि पार्टी के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करने वालों के लिए कांग्रेस में कोई जगह नहीं है। ऐसे लोगों को पार्टी “एंटरटेन” नहीं करेगी और उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है। उन्होंने खुलासा किया कि रुबीना खान के निष्कासन का प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) को भेज दिया गया है और आने वाले दो-तीन दिनों में आधिकारिक घोषणा भी हो सकती है।
राष्ट्रवाद के मुद्दे पर तीखा प्रहार
चौकसे ने पूरे घटनाक्रम को राष्ट्र भावना से जोड़ते हुए कहा कि “वंदे मातरम” और राष्ट्रगान हर भारतीय की आत्मा में बसते हैं। नगर निगम में जो घटनाक्रम सामने आया, वह बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि जिस राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को कांग्रेस अपने अधिवेशनों में गाती रही है, जिसने आजादी की लड़ाई में क्रांतिकारियों को ऊर्जा दी, उसी का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रवाद जाति, धर्म और समाज से ऊपर है और हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने देश, तिरंगे और राष्ट्रगीत का सम्मान करे। “अगर कोई इसका सम्मान नहीं करता, तो उसे सजा मिलना तय है,” चौकसे ने सख्त लहजे में कहा।
अनुशासनहीनता पर ‘जीरो टॉलरेंस’
रुबीना खान के बयानों को लेकर चौकसे ने साफ कहा कि यह सीधे तौर पर पार्टी अनुशासन का उल्लंघन है। उन्होंने दोहराया कि “100 प्रतिशत कार्रवाई होगी, और कड़ी कार्रवाई होगी।” उन्होंने यहां तक कह दिया कि रुबीना खान आज से ही खुद को कांग्रेस से बाहर मान लें, क्योंकि पार्टी ऐसे लोगों को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
निष्कासन लगभग तय
सूत्रों के अनुसार, पार्टी हाईकमान तक मामला पहुंच चुका है और निष्कासन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शहर अध्यक्ष के बयान के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि रुबीना इकबाल खान को जल्द ही आधिकारिक रूप से कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
स्पष्ट संदेश:
कांग्रेस ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संकेत दे दिया है कि पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी और राष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर विवाद पैदा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में पीसीसी इस मामले में क्या अंतिम फैसला लेती है, लेकिन फिलहाल पार्टी का रुख पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है।