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रिश्तों में छिपा गद्दार — वैष्णोदेवी गए परिवार का घर साफ, 60 लाख की चोरी में भतीजा ही निकला मास्टर प्लान का हिस्सा

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रिश्तों में छिपा गद्दार — वैष्णोदेवी गए परिवार का घर साफ, 60 लाख की चोरी में भतीजा ही निकला मास्टर प्लान का हिस्सा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। बाणगंगा थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी कारोबारी विनोद यादव के घर हुई 60 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी अब साधारण वारदात नहीं, बल्कि अंदरूनी साजिश का खुलासा बनकर सामने आई है। परिवार के वैष्णोदेवी दर्शन पर जाने का फायदा उठाकर बदमाशों ने सूने मकान को निशाना बनाया और लाखों की नकदी व जेवरात पार कर दिए। जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि चोरी की पूरी कहानी में रिश्तेदारी का ही एक सदस्य शामिल निकला — कारोबारी का भतीजा गोलू यादव।

    घटना बाणेश्वरी कुंड के पास स्थित डागर मोहल्ले की है। पुलिस के मुताबिक बदमाश घर से करीब 35 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने के आभूषण ले उड़े। शुरुआती जांच में सामने आया कि हाल ही में रामनगर स्थित एक मकान की बिक्री से बड़ी रकम घर में रखी गई थी। इसी जानकारी के लीक होने के बाद चोरी की साजिश रची गई और वारदात को अंजाम दिया गया।

    पुलिस ने मामले में भतीजे गोलू यादव को हिरासत में लेकर पिछले पांच दिनों से लगातार पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में यह भी सामने आया है कि पूरी वारदात का कथित मास्टरमाइंड बाणगंगा क्षेत्र का एक चर्चित सटोरिया दीपेश जायसवाल है, जो अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। योजना के तहत गोलू यादव के साथ लकी यादव और सुधांशु प्रजापत उर्फ बाबू को भी शामिल किया गया था। वारदात के बाद चोरी का माल सटोरिये को सौंपे जाने की बात सामने आई है, लेकिन रकम के बंटवारे से पहले ही वह फरार हो गया।


    एसीपी रुबीना मिजवानी के अनुसार मामले में केस दर्ज कर विशेष टीम लगातार जांच कर रही है और पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों को घर की गतिविधियों और परिवार की गैरमौजूदगी की सटीक जानकारी पहले से थी, जिससे चोरी को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।

    दबिश, ट्रेसिंग और फरारी का खेल

    चोरी के अगले ही दिन पुलिस ने विजय नगर स्थित स्कीम नंबर-74 की एक बिल्डिंग में दबिश दी, जहां करीब 45 मिनट तक पूछताछ चली, लेकिन ठोस सफलता हाथ नहीं लगी। आरोपी सुधांशु प्रजापत उर्फ बाबू, जो उज्जैन का मूल निवासी बताया जा रहा है, अब भी फरार है और उसके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस संदिग्धों की लोकेशन तक पहुंच चुकी थी, लेकिन मुख्य आरोपी हाथ नहीं लगा। फिलहाल फरार सटोरिये सहित अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। चोरी गई नकदी और आभूषण अब तक बरामद नहीं हो सके हैं, जिससे मामले की गुत्थी और उलझती जा रही है।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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