पहले जली रोटी पर विवाद, फिर कमरे में मिला महिला का जला शव; मां बोली- बेटी को मारकर जलाया

खिलचीपुर। भोजपुर थाना क्षेत्र के अटेपुर गांव में शुक्रवार को 22 वर्षीय महिला नानूबाई का जला हुआ शव उसके कमरे से मिला। शव के अधिकांश कपड़े जल चुके थे और कुछ कपड़े शरीर से चिपके हुए थे। मौके से डीजल की प्लास्टिक की केन भी बरामद हुई है। घटना के बाद मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पति का कहना है कि नानूबाई ने खुद पर डीजल डालकर आग लगा ली।
कमरे में मिला जला हुआ शव
पुलिस के अनुसार, नानूबाई की शादी करीब तीन साल पहले अटेपुर निवासी जगदीश तंवर से हुई थी। वह उदियापुरा की रहने वाली थी। करीब चार महीने पहले ही उसका ससुराल आना-जाना शुरू हुआ था।
शुक्रवार सुबह घर के कमरे में आग लगने की सूचना परिवार को मिली। जब लोग मौके पर पहुंचे तो नानूबाई का शव जला हुआ मिला। सूचना मिलते ही भोजपुर पुलिस और एसडीओपी धर्मवीर नागर की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की।
पति ने बताई आत्महत्या की कहानी
पति जगदीश तंवर ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार सुबह नानूबाई ने चाय बनाकर परिवार के लोगों को पिलाई थी। इसके बाद उसके पिता मानसिंह और बड़ा भाई रामबाबू सेमली के हाट बाजार चले गए।
जगदीश के मुताबिक, घर में उसकी मां, भाभी और बहन मौजूद थीं, जबकि वह शौच के लिए बाहर गया था। इसी दौरान नानूबाई ने कमरे में रखी डीजल की केन से खुद पर डीजल डालकर आग लगा ली।
सुबह करीब 7:30 से 8 बजे के बीच चचेरे भाई दिनेश ने घर में आग लगने की जानकारी दी। जगदीश के अनुसार, वह मौके पर पहुंचा और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक नानूबाई की मौत हो चुकी थी।
मां ने लगाया हत्या का आरोप
नानूबाई की मां रोड़ी बाई ने पति और ससुराल पक्ष पर बेटी की हत्या कर शव जलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घर में कई लोग मौजूद थे, ऐसे में उनकी बेटी अकेले आग कैसे लगा सकती थी। मां के मुताबिक, जगदीश अक्सर नानूबाई के साथ मारपीट करता था। कुछ दिन पहले पानी भरने को लेकर भी दोनों के बीच विवाद हुआ था।
जली रोटी की फोटो से शुरू हुआ था विवाद
रोड़ी बाई ने बताया कि घटना से एक दिन पहले नानूबाई के हाथ से रोटी जल गई थी। इसके बाद जगदीश ने जली हुई रोटी की फोटो WhatsApp पर भेजी थी। आरोप है कि उसने फोन पर नानूबाई को अपमानित किया और इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ।
मृतका के पिता भागचंद ने बताया कि गुरुवार को उनकी दामाद से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि अगर बेटी को रखने में परेशानी है तो उसे मायके छोड़ दिया जाए। पिता के अनुसार, इस बात पर जगदीश नाराज हो गया और फोन काट दिया।
पिता को पहले दी गई थी करंट लगने की सूचना
भागचंद ने बताया कि शुक्रवार सुबह वह बकरियां चराने गए थे। इसी दौरान उन्हें फोन आया कि उनकी बेटी को करंट लग गया है और उन्हें तुरंत बुलाया गया। जब वे ससुराल पहुंचे तो नानूबाई का जला हुआ शव मिला। परिवार ने कमरे में एक बड़ा जूता और मल पड़े होने की बात भी कही है और मारपीट की आशंका जताई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
पुराने विवाद का भी जिक्र
मायके पक्ष ने बताया कि जगदीश का पहले गांव की एक युवती से प्रेम संबंध था। परिवार के अनुसार, 2025 में वह युवती को लेकर चला गया था। बाद में समझौता हुआ और युवती की दूसरी जगह शादी कर दी गई। परिजनों का आरोप है कि इस पुराने विवाद का असर नानूबाई के वैवाहिक जीवन पर भी पड़ा था।
पुलिस सभी पहलुओं से कर रही जांच
भोजपुर थाना प्रभारी अजय यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए खिलचीपुर शासकीय अस्पताल भेजा गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस ने मौके से डीजल की प्लास्टिक की केन बरामद की है। एफएसएल जांच, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और मायके व ससुराल पक्ष के बयानों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।












