यह जानकारी सामने आते ही खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, बक्सर के रहने वाले 22 वर्षीय युवक अमन तिवारी ने इस साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई थी। उसने इंटरनेट के जरिए विदेशी एजेंसियों से संपर्क साधने की कोशिश की और ईमेल के माध्यम से प्रस्ताव भेजा। इस ईमेल में उसने प्रधानमंत्री पर हमले की बात कही और इसके लिए पैसे की मांग की। साथ ही उसने साफ तौर पर 22 दिन का समय भी मांगा था, जिससे एजेंसियों को शक और गहरा हो गया। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई।
खुफिया इनपुट मिलने के बाद बक्सर और डुमरांव पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। देर रात छापेमारी कर अमन तिवारी को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि अभी और लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कमरे से लैपटॉप और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन डिवाइस की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, जिससे कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस को शक है कि इन उपकरणों में ऐसे डिजिटल सबूत मौजूद हो सकते हैं जो इस साजिश के पूरे नेटवर्क को उजागर कर सकते हैं। सुरक्षा कारणों से आरोपी के कमरे को सील कर दिया गया है और वहां पुलिस बल की तैनाती की गई है।
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जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2022 में उसने कोलकाता एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची थी। उस समय भी वह पुलिस के हत्थे चढ़ा था, लेकिन नाबालिग होने के कारण वह सख्त सजा से बच गया। अब एक बार फिर उसका नाम गंभीर मामले में सामने आने से एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
अमन तिवारी एक साधारण परिवार से आता है। उसके पिता पूजा-पाठ कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। स्थानीय स्तर पर पढ़ाई करने वाला यह युवक इंटरनेट पर काफी सक्रिय बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक अधिक पैसे कमाने की चाहत और गलत दिशा में सोच ने उसे इस साजिश तक पहुंचा दिया। हालांकि यह भी जांच का विषय है कि क्या वह अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
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इस पूरे मामले में साइबर एंगल को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी के विदेशी संपर्क कितने गहरे थे। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस साजिश के पीछे कोई संगठित गिरोह या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तो नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
घटना सामने आने के बाद देशभर की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। उच्च स्तर पर इस मामले की निगरानी की जा रही है और हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे इस साजिश की पूरी तस्वीर साफ