Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

PM मोदी की हत्या की साजिश का दावा :बक्सर से 3 गिरफ्तार, CIA को भेजे ईमेल 

बिहार के बक्सर से PM नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश का दावा, CIA को ईमेल भेजने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार। सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच में जुटीं।
Follow on Google News
बक्सर से 3 गिरफ्तार, CIA को भेजे ईमेल 
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।
    बिहार के बक्सर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर संभावित हमले की साजिश का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। यह मामला सिर्फ एक स्थानीय अपराध नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है। पुलिस के अनुसार, इस साजिश में शामिल एक युवक ने कथित तौर पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA को ईमेल भेजकर हमले का प्रस्ताव रखा था। उसने इसके बदले मोटी रकम की मांग की और योजना को अंजाम देने के लिए 22 दिनों का समय भी मांगा।

    यह जानकारी सामने आते ही खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं।

    कैसे सामने आई साजिश, क्या कहती है जांच

    जांच एजेंसियों के मुताबिक, बक्सर के रहने वाले 22 वर्षीय युवक अमन तिवारी ने इस साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई थी। उसने इंटरनेट के जरिए विदेशी एजेंसियों से संपर्क साधने की कोशिश की और ईमेल के माध्यम से प्रस्ताव भेजा। इस ईमेल में उसने प्रधानमंत्री पर हमले की बात कही और इसके लिए पैसे की मांग की। साथ ही उसने साफ तौर पर 22 दिन का समय भी मांगा था, जिससे एजेंसियों को शक और गहरा हो गया। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई।

     पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार

    खुफिया इनपुट मिलने के बाद बक्सर और डुमरांव पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। देर रात छापेमारी कर अमन तिवारी को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि अभी और लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

    लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बने अहम सबूत

    तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कमरे से लैपटॉप और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन डिवाइस की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, जिससे कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस को शक है कि इन उपकरणों में ऐसे डिजिटल सबूत मौजूद हो सकते हैं जो इस साजिश के पूरे नेटवर्क को उजागर कर सकते हैं। सुरक्षा कारणों से आरोपी के कमरे को सील कर दिया गया है और वहां पुलिस बल की तैनाती की गई है।

    Breaking News

    पुराना रिकॉर्ड भी आया सामने

    जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2022 में उसने कोलकाता एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची थी। उस समय भी वह पुलिस के हत्थे चढ़ा था, लेकिन नाबालिग होने के कारण वह सख्त सजा से बच गया। अब एक बार फिर उसका नाम गंभीर मामले में सामने आने से एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

    साधारण परिवार, लेकिन गंभीर आरोप

    अमन तिवारी एक साधारण परिवार से आता है। उसके पिता पूजा-पाठ कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। स्थानीय स्तर पर पढ़ाई करने वाला यह युवक इंटरनेट पर काफी सक्रिय बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक अधिक पैसे कमाने की चाहत और गलत दिशा में सोच ने उसे इस साजिश तक पहुंचा दिया। हालांकि यह भी जांच का विषय है कि क्या वह अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

    ये भी पढ़ें: नई दिल्ली : राज्यसभा में शपथ लेंगे नीतीश कुमार, NDA की सियासत में हलचल तेज

    साइबर और अंतरराष्ट्रीय एंगल की जांच जारी

    इस पूरे मामले में साइबर एंगल को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी के विदेशी संपर्क कितने गहरे थे। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस साजिश के पीछे कोई संगठित गिरोह या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तो नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

    सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच तेज

    घटना सामने आने के बाद देशभर की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। उच्च स्तर पर इस मामले की निगरानी की जा रही है और हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे इस साजिश की पूरी तस्वीर साफ 

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

    Latest Posts